विजय दिवस, भारत-पाक युद्ध का गौरवशाली इतिहास

विजय दिवस, भारत-पाक युद्ध का गौरवशाली इतिहास

देहरादून(अरुण शर्मा)। विजय दिवस भारत-पाकिस्तान युद्ध की विजय गाथा कहता है दिन है।

आज के दिन ही हमारी सेना पर किये जाने वाले गर्व को कई गुना बफ दिया था।

भारत-पाक का 1971 के इसी युद्ध मे हमारी सेना ने पाकिस्तान को धूल चाहते हुए उनके हजारों सैनिकों को आत्मसमपर्ण करने को मजबूर किया था।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क देहरादून में शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी।

 

विजय दिवस
विजय दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की महान सेना ने पाकिस्तान के 93000 सैनिकों को आत्मसमर्पण करने को मजबूर कर दिया था।

भारत की सुरक्षा और विश्व के इतिहास में यह एक महत्वपूर्ण दिन है।

यह हमारे सैनिकों को वीरता का परिणाम है। हमारे जवानों के अद्भुत पराक्रम से इस युद्ध में एक बड़ी विजय भारत को प्राप्त हुई थी।

इस युद्ध में देश के शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं।

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विजय दिवस के इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित तमाम छोटे बड़े नेताओं ने देश को बधाई और शुभकामना दी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विजय दिवस के अवसर पर भारतीय सेना, भूतपूर्व सैनिकों, देश एवं प्रदेश वासियों को बधाई दी है।

उन्होने कहा कि भारतीय सेना के वीर जवानों द्वारा पाकिस्तान पर ऐतिहासिक विजय प्राप्त करने के उपलक्ष्य में 16 दिसम्बर को विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।

यह दिवस भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और मान को स्थापित करता है।

कांग्रेस का धन्यवाद जवान कार्यक्रम……

विजय दिवस पर सैन्य कर्मियों के लिए विशेष अभियान की शुरुआत करने जा रहे हैं।

उत्तराखंड कांग्रेस ने जिसका नाम *’धन्यवाद जवान’* दिया है।

यह अभियान राज्य के समस्त सैनिक व अर्धसैनिक बलों को समर्पित है।

जिसके तहत कांग्रेस जवानों के परिवारों तक पहुँच कर हर सम्भव सहायता करने का प्रयास करेगी।

साथ ही उनकी आवश्कताओं, अभिलाषाओं व परामर्श को आबद्ध करेगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा है कि भारत के सैन्य इतिहास में 16 दिसम्बर वीरता व पराक्रम का ऐतिहासिक दिन है।

इसी दिन मात्र 13 दिन में भारतीय सैनिकों के साहस व बहादुरी के सामने नतमस्तक होकर पाकिस्तानी सेना के 93 हजार सैनिकों को आत्मसमर्पण करना पड़ा था।

हमारे सैन्य इतिहास की यह सबसे बड़ी विजय थी।

मुख्यमंत्री ने 1971 भारत-पाक युद्ध के शहीदों को नमन करते हुए कहा कि हमारे सैनिकों के पराक्रम से पाकिस्तानी सैनिकों का मनोबल टूट गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड, देवभूमि के साथ ही वीर भूमि भी है। यहां सदैव देशभक्ति व राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना रही है।

सैनिकों के लिए उत्तराखंड सरकार के प्रयास……

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा सैनिकों के प्रति श्रद्धा का भाव है।

प्रदेश में सैनिकों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता से किया जा रहा है।

इसके लिए जिलों में एडीएम स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में भारतीय सेना को समर्पित एक ऐसा भव्य स्मारक बनाना बनाया जायेगा

जिसमें भारतीय सेना का गौरवमय इतिहास की झलक प्रदर्शित की जायेगी, इससे हमारी भावी पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि देश की रक्षा के लिए हमारे वीर सैनिक हमेशा तत्परता के साथ अपना योगदान देते है जिस पर हम गर्व करते हैं।

देश की सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों द्वारा किए गए सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखा जायेगा।

उन्होने कहा कि हमें अपने सैनिकों की वीरता पर नाज है और पूरा देश उनकी बहादुरी को नमन करता है।

कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट करके विजय दिवस पर शुभकामना दी।

उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा………

सन् ‘71 में भारत की पाकिस्तान पर ऐतिहासिक जीत के उत्सव पर देशवासियों को शुभकामनाएँ और सेना के शौर्य को नमन। ये उस समय की बात है जब भारत के पड़ोसी देश भारत के प्रधानमंत्री का लोहा मानते थे और हमारे देश की सीमा का उल्लंघन करने से डरते थे!

 

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