हरिद्वार गंगा घाट पर मानवता की अनोखी मिसाल,ऐसे की दूसरे की मदद

हरिद्वार गंगा घाट पर मानवता की अनोखी मिसाल,ऐसे की दूसरे की मदद

हरिद्वार(पंकज सिंह)। कमाल का जज्बा दूसरे की मदद के लिए दर दर भटकता रहा यह युवक।

हरिद्वार गंगा घाट पर मानवता की इस अनोखी मिशाल ने सबका दिल जीत लिया।

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हरिद्वार गंगा घाट पर निराश्रित हेमराज की मदद के लिए कमल खड़का ने उसके इलाज के लिए हर सम्भव प्रयास किया।

हरिद्वार गंगा घाट पर मानवता की अनोखी मिसाल
हरिद्वार गंगा घाट पर मानवता की अनोखी मिसाल पेश करते कमल खड़का

यंहा तक कि कमल ने एम्स ऋषिकेश तक हेमराज के इलाज के लिए भाग दौड़ की।

इलाज के दौरान जब हेमराज का निधन हो गया तो उसके अंतिम संस्कार के लिए लोगों के आगे हाथ जोड़े ओर मदद की गुहार लगाई।

दअसल कई दिन पहले हरिद्वार गंगा घाट पर कमल खड़का को हेमराज असहाय हालात में मिला।

कमल ने हेमराज को पहले आश्रय दिया लेकिन उसका स्वास्थ्य बिगड़ रहा था जिसपर कमल ने उसके उपचार के लिए हर संभव प्रयास किया।

हालात खराब होने पर हेमराज को एम्स ऋषिकेश में एडमिट कराया और उसके इलाज के लिए हर संभव प्रयास किया।

हेमराज जब जिंदगी की जंग हार गया तो एक बार फिर कमल के सामने नई चुनौती आ खड़ी हुई।

कमल ने यंहा भी हार न मानी और उसके अंतिम संस्कार के लिए मदद की खातिर लोगों का दरवाजा खटखटाया।

स्थानीय व्यापारियों और बाजार वालो ने कमल के इस प्रयास को सराहा ओर खुलकर मदद की।

कमल खड़का ने बताया कि कई सालों से हरकी पैड़ी क्षेत्र के सुभाष घाट, गऊ घाट, मोतीबाजार, बड़ा बाजार में होटलों धर्मशाला, लॉज आदि मे किराए पर कमरे दिलाने व गाइड का काम कर जीवन यापन करने वाले हेमराज मुरादाबाद के रहने थे।

पिछले करीब बीस वर्षो से घर बार छोड़कर वे हरिद्वार में ही रह रहे थे।

कुछ दिन पहले अचानक तबियत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

कमल खड़का ने कहा कि व्यापारी सुभाष शर्मा, राजू वधावन मानवता का परिचय देते हुए निराश्रितों की मदद के लिए हर समय तैयार रहते हैं।

हेमराज तीर्थ यात्रियों की सेवा में लगा रहता था। मंदिरों के दर्शन व आसपास के क्षेत्र की जानकारियां बाहर से आने वाले यात्रियों को उपलब्ध भी कराता था।

व्यापारियों ने मानवता का परिचय देते हुए हेमराज व उनके अंतिम संस्कार के लिए पैसे उपलब्ध कराए।

मानवीर चैहान ने कहा कि मानव सेवा ही परम धर्म है। सच्ची ईश्वर भक्ति निस्वार्थ सेवाभाव से की जानी चाहिए। धर्मनगरी के व्यापारी इंसानियत का संदेश देते चले आ रहे हैं।

नितिन, गोपाल परदेसी, घनश्याम, मानवीर चैहान, रवि खन्ना, प्रेमपाल गट्टू, सुरेश बिहारी, लोकनाथ ज्ञावाली, रामप्रसाद शर्मा डाला, सोनू, भैरोसिंह बिष्ट,

महेश बेदी, नितिन श्रोत्रिय, बाबा राधेश्याम पुरी, निशिकांत, कमल सेठी ,पवन कुमार,डब्बू, राकेश चैहान, आदि ने हेमराज के दाह संस्कार के लिए चंदा देकर सहयोग किया।

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