सैलानियों को रास आई विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी

सैलानियों को रास आई विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी
कोरोना संक्रमण का विश्व प्रसिद्ध फूलो की घाटी पर नही पड़ा कोई असर।
सरकार के दिशा निर्देश जारी करने के बाद यहां अब तक 930 पर्यटक पहुंचे l
जिस मे 11 विदेशी पर्यटक भी शामिल है l
जिन से पार्क प्रशासन को 1 लाख 38 हजार से अधिक की आय हई l
फूलो की घाटी समुद्र तल से 13 हजार फीट की ऊंचाई पर 2-4 कि.मी.के दायरे मे फैली हुई है l
जब कि 2004 मे यूनेस्को ने फूलो की घाटी को विश्व धरोहर घोषित किया l
सीजन मे यहां 500 से आधिक प्रजाति के रंग – बिरंगे फूल खिले रहते है l
जिसमे जापान का राष्ट्रीय पुष्प बूलूपापी तथा उत्तराखंड का राज्य पुष्प ब्रह्मकमल भी शामिल है l
प्रति बर्ष यह घाटी 01 जून को पर्यटको के लिए खोल दी जाती है l
ऋषिकेश – बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोविंद घाट से 19 किलोमीटर की पैदल चड़ाई पार कर यहां पहुंचा जाता है l
बर्ष 2018 मे यहां 14 हजार पर्यटक पहुंचे थे l जब कि बीते बर्ष 2019 मे 17 हजार 640 पर्यटक पहुचे l
जिसमे 950 विदेशी शमिल है l जिन से पार्क प्रशासन को 27 लाख 60 हजार 450 रूपए की आय हुई है l

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