उत्तराखंड में एम्बुलेन्स के ओवर रेट चार्ज पर होगी ये बड़ी कार्यवाही

उत्तराखंड में एम्बुलेन्स के ओवर रेट चार्ज पर होगी ये बड़ी कार्यवाही
उत्तराखंड में एम्बुलेन्स के ओवर रेट चार्ज पर होगी जब्त करने के आदेश कोर्ट ने दिए है।
नैनीताल(अरुण शर्मा)। उत्तराखंड में एम्बुलेन्स के ओवर रेट चार्ज पर होगी जब्त।
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने क्वारंटाइन सेंटरों की बदहाल व्यवस्थाओ को लेकर दायर जनहित याचिकाओं की सुनवाई हुई।
कोर्ट ने सभी जिलाधिकारियों से होम आईशूलेशसन मरीजों को होम आईशूलेशसन किट उपलब्ध कराने और ओवर रेट लेने वाली एम्बुलेंस को जब्त करने।
ऑक्सीजन सिलेंडर और रेमडे सिविर इंजेक्शन की ब्लैक मार्केटिंग रोकने के सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए है।
कोर्ट ने डायरेक्ट जनरल हैल्थ से कहा है कि नार्मल लोगों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और प0 दीनदयाल अंतोदय स्वास्थ्य योजना के तहत ई कार्ड सुविधा उपलब्ध करायी जाए ताकि निजी अस्पतालों में उन्हें मुफ्त ईलाज मिल सके।
मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 10 मई की तिथि नियत की है।
सुनवाई के दौरान याचिकर्ता के अधिवक्ता द्वारा कोर्ट को बताया कि राज्य के कई हॉस्पिटलों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी है।
न तो हॉस्पिटलों में पर्याप्त बैड है और न ही अस्पतालों में पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध है।
याचिकाकर्ता ने यह भी कहा एम्बुलेंस मरीजों से दोगुना किराया वसूल रही है तो वही ऑक्सीजन सिलेंडरों और रेमडेसिविर की कालाबाजारी हो रही।
मोर्चरी तक फूल हो चुकी है। श्मशान घाटों में डेथ बॉडी जलाने के लिए कम पड़ रहे है और टेस्ट करने की धीमी रफ्तार है इन्हें बढ़ाया जाए।
मामले के अनुसार अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली व देहरादून निवासी सच्चिदानंद डबराल ने क्वारन्टीन सेंटरों व कोविड अस्पतालों की बदहाली
और उत्तराखंड वापस लौट रहे प्रवासियों की मदद और उनके लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने को लेकर हाईकोर्ट में अलग अलग जनहित याचिकायें दायर की थी।
क्वारंटाइन सेंटर बदहाल
पूर्व में बदहाल क्वारंटाइन सेंटरों के मामले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर माना था
कि उत्तराखंड के सभी क्वारंटाइन सेंटर बदहाल स्थिति में हैं और सरकार की ओर से वहां पर प्रवासियों के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई है।
जिसका संज्ञान लेकर कोर्ट अस्पतालों की नियमित मॉनिटरिंग के लिये जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में जिलेवार निगरानी कमेटीया गठित करने के आदेश दिए थे और कमेटियों से शुझाव माँगे थे।

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