हरिद्वार। हिंदूवादी धर्मगुरु व डासना पीठाधीश्वर यति नरसिंहानन्द सरस्वती  महाराज हरिद्वार (Haridwar) पहुँचे जहाँ उन्होंने भूमा पीठाधीश्वर अच्युतानंद महाराज से भेंट की। भूमा निकेतन आश्रम में बैठक उन्होंने हिन्दू धर्म संस्कृति को लेकर विस्तृत चर्चा की। आपको बता दे कि सनातन धर्म की रक्षा के लिये हरिद्वार (Haridwar) के साधु संतो की शरण में आये यति नरसिम्हा नंद सरस्वती महाराज हरिद्वार से धर्म जगाओ, अस्तित्व बचाओ पदयात्रा” का आरम्भ कर रहे हैं। संस्था श्री ब्राह्मण सभा का समर्थन उन्हके पहले ही मिल चुका है। इस दौरान उन्होंने कहा कि आएदिन देश में किसी निर्दोष हिन्दू का इस्लामिक जिहाद के नाम पर कत्ल हो रहा है और लव जिहाद के माध्यम से रोज सैकड़ो हिन्दू की बेटियो को फंसाया जा रहा है। इसके लिए अब साधु संतों को पहल करनी होगी।

वही उन्होंने जनसंख्या को लेकर भी चिंता व्यक्त की। और कहा भारत की जनसंख्या में हिन्दुओ का अनुपात दिन प्रतिदिन घटता जा रहा है,परंतु कहीँ भी कोई विरोध का स्वर तक सुनाई नही देता। मुस्लिमों की हर लड़ाई उनकी मस्जिदों और मदरसों से चलती है,ईसाइयों की हर लड़ाई चर्च के द्वारा लड़ी जाती है,सिक्खों के लिये उनके गुरूद्वारे सदैव आवाज उठाते हैं, बौद्धों के लिये उनके धर्मगुरु लड़ते है तो हम हिन्दुओ का यह दुर्भाग्य क्यों है की हमारा कोई भी धर्मगुरु कभी भी सनातन धर्म के लिये लड़ना तो दूर की बात, बोलना तक गवारा नहीँ करता। हिन्दुओ की इस पीड़ा का उत्तर हिन्दुओ के धर्मगुरूओ को अवश्य ही देना चाहिये। हरिद्वार में पदयात्रा के दौरान साधु संतों के आश्रम घूम कर हिन्दू के इस प्रश्न का उत्तर खोजने का प्रयास करेंगे। इस दौरान उनके साथ श्री ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक, हिमाचल प्रदेश से आये दिव्यांग संत योगी ज्ञाननाथ जी महाराज ,बाबा परमेन्द्र आर्य तथा उनके शिष्यगण यति सत्यदेवानन्द सरस्वती जी, बृजमोहन सिंह, पंकज सैनी इत्यादि लोग मौजूद रहे।

 

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