उत्तराखंड के 8 लाख किसानों के खाते में सम्मान निधि
 

देहरादून(कमल खड़का)। उत्तराखंड के आठ लाख किसानों सम्मान निधि की धनराशि मिली है।

उत्तराखण्ड के 8 लाख 27 हजार किसान परिवारों के खातों में 165 करोड़ की धनराशि दी गई है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सुशासन दिवस के अवसर पर किसान सम्मान निधि का ऑनलाईन ट्रांसफर किया गया।

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देश के 9 करोड़ किसान परिवारों के बैंक खातों में 18 हजार करोड़ रूपये की धनराशि हस्तांतरित की गई।

उत्तराखण्ड के 8 लाख 27 हजार किसान परिवारों के

खातों में दी गई 165 करोड़ की धनराशि।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी का जन्म दिवस सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है।

उत्तराखंड के आठ लाख किसानों सम्मान निधि

उत्तराखंड के 8 लाख किसानों के खाते में सम्मान निधि
उत्तराखंड के 8 लाख किसानों के खाते में सम्मान निधि

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पारदर्शी सोच से किसानों के खातों में सालाना 06 हजार रूपये पीएम किसान सम्मान निधि एकाउण्ट में पहुंचता है।

कृषि सुधारों के कारण किसान तरक्की की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री जी ने किसानों की आय दुगुनी करने का जो लक्ष्य रखा है, इसके लिए ये कृषि सुधार किये गये हैं।

आज हमारा किसान बेड़ियों में जकड़ा हुआ नहीं है। आज कहीं भी जाकर वह अपने उत्पादों को बेच सकता है।

तमाम लोग भ्रम फैला रहे हैं, कि एमएसपी खत्म हो जायेगी, ये लोग किसानों को धोखा देने का कार्य कर रहे हैं।

सरकार जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान में विश्वास रखती है।

प्रधानमंत्री ने सबका साथ, सबका विकास का मंत्र दिया है। गांव, शहर, किसानों, गरीबों के विकास से ही सर्वांगीण विकास हो सकता है।

शहरों के विकास के लिए ग्रामीण क्षेत्रों का विकास भी बहुत जरूरी है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने विभिन्न राज्यों के किसानों से बातचीत कर पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड से होने वाले लाभ के बारे में जानकारी ली।

प्रधानमंत्री ने नये कृषि कानून से किसानों को होने वाले फायदों के बारे में उनसे जानकारी ली।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से जनता को संबोधित किया।

उत्तराखंड के आठ लाख किसानों सम्मान निधि

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों के जीवन में खुशी हम सभी के जीवन में खुशी बढ़ा देती है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की जन्म जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।

अटल ने गीता के संदेशों के अनुरूप जीवन जीने का प्रयास किया।

उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र के प्रति अपने कर्मों को पूरी निष्ठा से निभाने में समर्पित किया।

सुशासन को भारत के राजनीतिक एवं सामाजिक विमर्श का हिस्सा बनाया। गांव और गरीब के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्वर्णिम चतुर्भुज योजना, अन्त्योदय अन्न योजना, सर्व शिक्षा अभियान के माध्यम से उन्होंने राष्ट्र जीवन में सार्थक बदलाव लाने वाले अनेक कदम उठाये।

आज नये कृषि सुधारों को सरकार ने जमीन पर उतारा है, उनके सूत्रधार अटल बिहार बाजपेयी भी थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पीएम सम्मान किसान निधि योजना जब से शुरू हुई है तब से 01 लाख 10 हजार करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि किसानों के खातों में पहुंच चुके हैं।

तकनीक के इस्तेमाल से किसानों के खाते में ऑनलाईन माध्यम से धनराशि दी गई है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सरकार ने देश के किसानों की छोटी-छोटी परेशानियों एवं कृषि के आधुनिकीकरण की ओर ध्यान दिया।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड, यूरिया की नीम कोटिंग, सोलर पम्प की एवं  पीएम फसल बीमा योजना शुरू की।

60 वर्ष की आयु के बाद 03 हजार रूपये मासिक पेंशन का सुरक्षा कवच भी आज किसान के पास है।

आज किसानों के जीवन को आसान बनाने के लिए सरकार किसानों के दरवाजे तक पहुंची है।

आज हर किसान को पता है कि उसको उपज का अच्छा दाम कहां मिल सकता है।

नये कृषि सुधारों के जरिये किसानों को बेहतर विकल्प दिये गये हैं। अब किसान जहां चाहे, जहां सही दाम मिले अपनी उपज बेच सकते हैं।

न्यूनतम समर्थन मूल्य, मण्डी में उपज बेचना चाहते हैं, बेच सकते हैं। उपज का निर्यात करना चाहते हैं, कर सकते हैं। उपज दूसरे राज्य में बेच सकते हैं, एफपीओ के माध्यम से उपज को इक्कठा कर बेच सकते हैं।

आज किसानों के पास अपनी उपज को बेचने के लिए अनेक अधिकार दिये गये हैं।

नये कृषि सुधारों के बारे में कुछ लोगों द्वारा भ्रम फैलाये जा रहे हैं।

सरकार ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कृषि सुधार किये हैं।

 

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