त्रिवेंद्र सरकार की घोषणा-आंगनबाड़ी और आशा कार्यकत्रि को मिलेंगे हजार-हजार रुपये और इन कर्मियों का नही कटेगा वेतन

त्रिवेंद्र सरकार की घोषणा-आंगनबाड़ी और आशा कार्यकत्रि को मिलेंगे हजार-हजार रुपये और इन कर्मियों का नही कटेगा वेतन

देहरादून(अरुण शर्मा)। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने घोषणा की है कि प्रत्येक आंगनबाड़ी और आशा कार्यकत्रि के खाते में एक-एक हजार रूपए की सम्मान राशि दी जाएगी।

इनकी संख्या 50 हजार से अधिक है। कोविड-19 के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और पर्यावरण मित्रों के वेतन से अब एक दिन के वेतन की कटौति नहीं की जाएगी।

हालांकि इनके द्वारा सहयोग किया जा रहा था। पर्यावरण मित्रों ने तो स्वयं एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया था।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अल्मोड़ा विधानसभा क्षेत्र की वर्चुअल रैली को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष में अभूतपूर्व निर्णय लिए।

प्रधानमंत्री ने धारा 370 हटाने का ऐतिहासिक काम किया।

तीन तलाक पर रोक लगाकर मुस्लिम बहनों को आजादी व सम्मान देने का काम किया।

कोविड-19 ke महा संक्रमण काल मे प्रधानमंत्री के दूरदर्शी निर्णय से लाखों जीवन बचाए जा सके हैं।

बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया गया। रिस्पना टू ऋषिपर्णा अभियान भी सफलतापूर्वक चलाया गया।

सी एम ने कहा कि हमने भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार किया है। हम पूर्ण विश्वास के साथ कह सकते हैं कि राज्य को माफिया से मुक्त किया है।

हमने पहाड़ की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए गैरसैण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की न केवल घोषणा की

हमने अपने विजन डाक्यूमेंट में की गई 85 प्रतिशत घोषणाएं पूरी कर दी हैं।

आज हमारे राज्य में 2500 से ज़्यादा डाक्टर हैं। किसी भी जिला अस्पताल में आईसीयू, वेंटिलेटर नहीं थे।

आज सभी जिला अस्पतालों में आईसीयू और वेंटिलेटर हैं।

आज दूरस्थ क्षेत्रों में भी व्यवस्था की है। टेली मेडिसिन और टेलि रेडियोंलोजी से जोडने का काम किया है।

जिलाधिकारियों और सीएमओ को अधिकार दिए कि मेडिकल कर्मियों की भर्ती अपने स्तर पर कर सकते हैं।

हमारे कोविड केयर सेंटरों में 18 हजार बेड की क्षमता मौजूद है।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 150 से अधिक काम लिए गए हैं।

प्रदेश में इस योजना पर अभी तक 182 करोड़ रूपये व्यय किए जा चुके है। अधिक से अधिक लोगों को इस योजना के बारे में बताएं। ये सर्वाभौमिक योजना है। हरेला पर्व पर राजकीय अवकाश घोषित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 जून 1977 को देश में आपातकाल लगाया गया था। हजारों लोगों को जेल में बंद कर दिया गया। अत्याचार किए गए। आज कांग्रेस का हाल बूढ़े बैल की तरह हो गया है।

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