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मदन कौशिक के इस गड़बड़झाले की हाइकोर्ट में सुनवाई

मदन कौशिक के इस करोड़ो के गड़बड़झाले में कोर्ट में हुई सुनवाई, राज्य सरकार को नोटिस

 

नैनीताल(अरुण शर्मा)। उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक की विधायक निधि को लेकर कोर्ट में सुनवाई हुई।

याचिकाकर्ता ने विधायक निधि में करोड़ों के गड़बड़झाले को लेकर सीबीआई जांच की मांग की है।

कोर्ट ने मामले पर जवाब देने को कहा है। दरअसल हरिद्वार में विधायक निधि से बने पुस्तकालय को लेकर याचिका दायर की गई।

जिसमे केवल फ़ाइल में ही पुस्तकालय बनाकर उनका पैसा अधिकारियों की मदद से हड़प लिया गया।

हाइकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 30 जून को तय की है।

उत्तराखंड हाईकोर्ट में हरिद्वार में 2010 में हुए पुस्तकालय घोटाले मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि यह जनहित याचिका राजनीतिक से प्रेरित है।
जिसपर राज्य सरकार अपनी आपत्ति दर्ज कराएगी।
कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।
आपको बता दे देहरादून निवासी सच्चिदानंद डबराल द्वारा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि 2010 में तत्कालीन विधायक मदन कौशिक के द्वारा
विधायक निधि से करीब डेढ़ करोड़ की लागत से 16 पुस्तकालय बनाने के लिए पैसा आवंटित किया गया
पुस्तकालय बनाने के लिए भूमि पूजन से लेकर उद्घाटन और फाइनल पेमेंट पर हो गई लेकिन आज तक धरातल पर किसी भी पुस्तकालय का निर्माण नहीं हुआ
जिससे स्पष्ट होता है कि विधायक निधि के नाम पर विधायक ने तत्कालीन जिला अधिकारी मुख्य विकास अधिकारी समेत ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता के द्वारा बड़ा घोटाला किया गया है।
याचिकाकर्ता का यह भी कहना है कि पुस्तकालय निर्माण का जिम्मा ग्रामीण अभियंत्रण सर्विसेस को दिया गया
और विभाग के अधिशासी अभियंता के फाइनल निरीक्षण और सीडीओ की संस्तुति के बाद काम की फाइनल पेमेंट होती है
तो ऐसे में विभाग के अधिशासी अभियंता और सीडीओ के द्वारा बिना पुस्तकालय निर्माण के ही अपनी फाइनल रिपोर्ट लगाकर पेमेंट कर दिया गया
जिससे स्पष्ट होता है कि अधिकारियों की मिलीभगत से बड़ा घोटाला हुआ है लिहाजा पुस्तकालय के नाम पर हुए इस घोटाले की सीबीआई जांच करवाई जाए।
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