गर्भवती महिलाओं की डोली व्यवस्था के लिए बड़ी धनराशि को स्वीकृति।

आईएएस सविन बंसल की सोच ने नैनीताल को बनाया उत्तराखंड का पहला जिला।

 

नैनीताल(अरुण शर्मा)। उत्तराखंड में समय पर स्वास्थ्य व्यवस्था न मिल पाने पर गर्भवती महिलाओं को खतरे से गुजरना पड़ता था।

नैनीताल जिला अधिकारी ने ऐसी परिस्थिति से निपटने के लिए अलग पहल की है।

नैनीताल डीएम सविन बंसल ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ‘डोली व्यवस्था’ को दुरुस्त करने के लिए 10 लाख रुपये स्वीकृत किये है।

गर्भवती महिलाओं की डोली व्यवस्था
गर्भवती महिलाओं की डोली व्यवस्था पर गंभीर आईएएस सविन बंसल-फ़ाइल फोटो

जिससे जनपद में करीब 500 डोलियों की व्यवस्त्थाआ की जाएगी।

जिसका सीधा लाभ जनपद के पर्वतीय इलाकों के विकास खण्ड धारी, रामगढ, ओखलकांडा, बेतालघाट व भीमताल के ग्रामीण क्षेत्रो की गर्भवती महिलाओं को होगा।

आपको बता दे कि एनएचएम के तहत जनपद में केवल 60 डोलियो की व्यवस्था के लिए ही धनराशि स्वीकृत थी,जीसे डीएम सविन बंसल ने बढ़ाया है।

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इसके बाद नैनीताल, उत्तराखण्ड का पहला जनपद है जहां गर्भवती महिला एवं शिशु की सुरक्षा के लिए डोली व्यवस्था को इतनी बढी धनराशि स्वीकृत की है।

बंसल स्वास्थ्य को लेकर काफी संवेदनशील हैं।

उनका मानना है कि गरीब और लाचार व्यक्ति को यदि समय से बेहतर एवं निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा मिल जाए तो यह सच्ची मानव सेवा होगी।

बंसल को प्रसव वेदना की उन ग्रामीण महिलाओ का दर्द भी सालता है।

जिन्हें अस्पताल मे प्रसव कराने के लिए गांव अथवा परिवार के लोग रातबिरात डोली मे लेकर सडक हैड या अस्तपाल पहुचते है।

इस संघर्ष में कभी-कभी जच्चा तथा बच्चा को जान से भी हाथ धोना पडता है।

इस समस्या एवं इस कार्य की संवेदनशीलता पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुये जिलाधिकारी सविन बंसल ने जनपद के पर्वतीय इलाकों में अस्पतालों तक लाने के लिए डोली व्यवस्था हेतु 10 लाख की धनराशि स्वीकृत कर दी है।

गर्भवती महिलाओं की डोली व्यवस्था
गर्भवती महिलाओं की डोली व्यवस्था पर आईएएस सविन बसल-फ़ाइल

जिलाधिकारी ने कहा कि और धनराशि की जरूरत पडेगी तो वह भी दी जायेगी।

उन्होने कहा कि गर्भवती महिलाओं को त्वरित उपचार मिले व सुरक्षित संस्थागत प्रसव से जच्चा-बच्चा मृत्यु दर भी घटेगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के एक किमी से अधिक पैदल सभी गांवों मे गर्भवती महिलाओं के लिए डोली सुविधा होगी।

बंसल द्वारा यह धनराशि मुख्य चिकित्साधिकारी को जारी की गई है।

जारी धनराशि मे से तात्कालिक व्यवस्था हेतु 75-75 हजार रूपये एमओआईसी केे निर्वतन मे रखी गई है।

पर्वतीय क्षेत्रों कीे गभर्वती महिलाओं को डोली से लाने वाले लोगों को तुरन्त डोली व्यवस्था की धनराशि का भुगतान दो हजार रूपये प्रति डोली बिना किसी विलम्ब के हो जाए।

लेकिन प्रसव की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुये जिलाधिकारी ने लगभग 500 डोलियों के लिए 10 लाख धनराशि अवमुक्त कर दी है।

उन्होने कहा कि ताकि गर्भवती महिलाओ को त्वरित डोली व्यवस्था का भुगतान कराने की जिम्मेदारी सम्बन्धित चिकित्साधिकारी की होगी।

 

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