देहरादून(अरुण शर्मा)। उत्तराखंड में सरकार ने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए पहले चरण में काॅपरेटिव सेक्टर, भेड़-बकरी पालन, मत्स्य पालन और डेरी के लिए 100 करोड़ रूपये स्वीकृत कर दिये हैं। यही नही इसके लिए दस अलग अलग क्षेत्रो को चिह्नित किया गया है।

राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के जरिये स्वरोजगार को बढ़वा देकर लोगों को आत्मनिर्भर बनाया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत दस क्षेत्रों पर फोकस किया जायेगा। जिसमें दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, भेड़-बकरी पालन, कृषि और कृषि उत्पाद, फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन, विपणन, माॅर्डन बैंकिंग व सहकारी बैंक, सहकारिता एवं होम स्टे शामिल है। उन्होनेे कहा कि प्रथम चरण में काॅपरेटिव सेक्टर, भेड़-बकरी पालन, मत्स्य पालन और डेरी के लिए 100 करोड़ रूपये स्वीकृत कर दिये हैं।

राज्य मंत्री डाॅ धन सिंह रावत ने सोमवार को विधानसभा स्थित सभा कक्ष में राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना उत्तराखंड की समीक्षा बैठक की।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना से प्रदेश में 55 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन होगा और लगभग 60 लाख लोग लाभान्वित होंगे।

बैठक में सहकारिता मंत्री डाॅ धन सिंह रावत ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘संकल्प से सिद्धि’ एवं वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने हेतु प्रदेश में ‘राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना’ तैयार की गई है।

बैठक में परियोजना से संबंधित बिंदुओं पर चर्चा करते हुए डाॅ रावत ने कहा कि इस योजना के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में छोटी-छोटी कृषि जोत में सहकारी सामूहिक खेती की जायेगी जिसमें आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना से 55 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन होगा जबकि 60 लाख लोग लाभान्वित होंगे।

वहीं बैठक में सहकारिता सचिव डाॅ आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के कार्यों की प्रगति को लेकर प्रत्येक माह में समीक्षा बैठक की जायेगी। ताकि इस महत्वकांक्षी परियोजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतार कर प्रदेशवासियों को लाभान्वित किया जा सके।

 

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