ऋषिगंगा टनल का ख़ौफ़नाक मंजर आ रहा सामने,3 शव मिले

ऋषिगंगा टनल का ख़ौफ़नाक मंजर आ रहा सामने,3 शव मिले

ऋषिगंगा टनल में अंदर तक पहुंचा बचाव दल,3 शव हुए बरामद

तपोवन(अरुण शर्मा)। ऋषिगंगा टनल में अंदर पहुंचने में राहत और बचाव दल आखिर सफल हो गई।

रविवार सुबह टीम ने अलग अलग स्थानों से तीन शव भी बरामद किये।

खास खबर- झील से नही है कोई खतरा,झील तक पहुंची sdrf, बनाया अर्ली वार्निंग सिस्टम

अभी चमोली की इस आपदा में 41 शवो को बरामद कर लिया गया है।

जिसमे से 15 शवो की शिनाख्त भी करा ली गई है।जबकि अभी भी sdrf ndrf सहित कई एजेंसियां राहत और बचाव कार्य मे जुटी हुई है।

ऋषिगंगा टनल
ऋषिगंगा टनल से मिलने लगे शव

7 फरवरी को चमोली जिले के तपोवन क्षेत्र में आई भीषण त्रासदी के बाद से ही राहत और बचाव कर चल रहा है।

ऋषिगंगा टनल जंहा पर 35 लोगों के फंसे होने की बात सामने आ रही थी।

उसमे भारी मलबा जमा होने के कारण अंदर पहुंचना किसी चुनौती से कम न था।

कई दिनों की कड़ी मशकत के बाद शनिवार देर रात बचाव दल टनल में आगे तक पहुंच पाए।

जंहा देर रात दो शवो को बरामद किया गया तो राविवार तड़के एक ओर शव बचाव दल ने बरामद किया है।

बचाव दल लगातार टनल में फंसे हुए लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

इससे पहले टनल की सही स्थिति जानने के लिए जियोग्राफिकल सिस्टम की भी मदद ली गई थी।

झील क्षेत्र से SDRF को मिली अहम जानकारियां

पुलिस महानिदेशक ASHOK KUMAR के निर्देश के बाद SDRF उत्तराखंड पुलिस की मॉन्ट्रेनियिंग टीम रेणी गाँव के ऊपर हिमालयी क्षेत्र में बनी झील के बारे में जानने के लिए पहुंची।

झील की स्पष्ट स्थिति जानने, झील के पानी एवमं मिट्टी,बर्फ के नमूने लेने के साथ ही फ्लड के पानी के नमूने लेने जल भराव क्षेत्र में पहुँची।

14 घण्टे के लंबे एवम दुर्गम सफर को पार कर टीम रात को झील क्षेत्र में पहुंची।

टीम के द्वारा वहां पानी के प्रेशर को कम करने के लिए झील के मुहाने को आइस एक्स के माध्यम से खोला।

वापसी के दौरान टीम के द्वारा बीहड़ एवम ग्लेशियर वाले स्थानों पर रोप, हुक भी बाँध कर छोड़ दी।

जिससे अन्य आने वाली टीमों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

SDRF की 8 सदस्यीय टीम रुट एवम झील की सटीक जानकारियों के साथ ही इक्कठा नमूनों के साथ वापस तपोवन पहुँची है।

यह प्रथम मॉन्ट्रेनियिंग दल है जो पैदल मार्गों से जलभराव क्षेत्र तक पहुंचा है।

 

admin