नगर निगम के लिए उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला
 

देहरादून(अरुण शर्मा)। उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जंहा नगर निगम को असिमित पावर दी गयी हैं। सोमवार को उत्तराखड कैबिनेट की बैठक में आये नो प्रस्तावों में यह प्रस्ताव भी पास किया गया। जिसमें पांच लाख से अधिक आबादी वाले नगर निगम में मेयर से लेकर बोर्ड तक की आर्थिक पावर में इजाफा किया गया हैंं। यही नहीं उत्तराखंड मंत्रीमंडल ने आवास को लेकर वन टाइम सैटलमेंट को भी लांच किया जो 31 मार्च 2019 तक ही लागू होगी। कैबिनेट ने नगर निगम की धारा 135 और 136 में संशोधन करते हुए प्रस्ताव पास किया।

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उत्तराखंड कैबिनेट ने सोमवार को पास किये अपने 9 प्रस्तावों में नगर निगम की धारा 135 और धारा 136 में परिवर्तन किया गया हैं। जिसमें मेयर को आर्थिक पॉवर नगर आयुक्त् को 50 हजार से बढ़ा कर 10 लाख रुपए कर दी गयी। नगर निगम अधिनियम 1965 की धारा 135 ओर 136 में किया गया बदलाव, करते हुए वित्तीय अधिकार में बढ़ोत्तरी की गयी। नगर आयुक्त को 50 हजार से 10 लाख का वित्तीय अधिकार मेयर को 1 लाख से 12 लाख का वित्तीय अधिकार,5 लाख से अधिक जनसंख्या वाले मेयर को 12 लाख, एवं 5 लाख से कम मेयर 6 लाख, का वित्तीय अधिकार प्रदान किया गया।कार्यसमिति को 25 लाख एवं बोर्ड को असिमित वित्तीय अधिकार दिया गया।

इसके अलावा कैबिनेट ने कई प्रस्ताव पास किये जिसमें लोक सेवा आयोग से सम्बन्धित व्यवस्थाधिकारी एवं व्यस्थापक पदों की सेवा नियमावली में संशोधन किया गया। गन्ने के समर्थन मूल्य में बदलाव 327 अगेती, अर्ली वैरायटी प्रजाति सामान्य प्रजाति में 317 रु प्रति कुन्तल, निर्धारित की गयी। उत्तराखंड भवन निर्माण एवम आवास विकास उपविधि विनियम के मानकों में संशोधन, किया गया। भवन निर्माण नीति में संशोधन, पहाड़ो ओर मैदान के बीच वाले भाग में फुट हिल नीति बनेगी, प्राधिकरणों को इसमे कार्य करने के लिए कहा गया है, देहरादून नैनीताल अल्मोड़ा पौड़ी टिहरी चंपावत जिलो में प्राधिकरण काम करेंगे, फुट हिल में भवनों की ऊंचाई 21 मीटर से ज्यादा नही होगी, सड़क को चैड़ाई 9 मीटर घटाकर 6.75 मीटर निर्धारित की गयी। आवासीय क्षेत्र में एकल आवासीय एवं व्यवसायिक भवन के लिए वन टाईम सेटलमेंट की व्यवस्था की गयी। कम्पाउन्डिग फीस में छूट दी गयी। उत्तराखण्ड भवन निर्माण एवं विकास उपविधि विनियम 2011 के मानक में संशोधन।. उत्तराखंड पुलिस के इन्सपेक्टर सब इन्सपेक्टर 33 प्रतिशत पद पदोन्नति से भरे जाएंगे, इसमे आर्म्ड फोर्स को भी शामिल किया गया।
वेतन निर्धारण विसंगति दूर को गयी, सीधी भर्ती ओर पदोन्नति के 4600 ग्रेड पे के अन्तर को दूर किया गया, लगभग ढेड़ लाख कर्मचारी लाभांवित होंगे ।

 

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