नैनीताल(अरुण शर्मा)। उत्तराखंड में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए एक नई पहल की गई है।

पहाड़ के व्यंजनों के माध्यम से ही पहाड़ की महिला को शसक्त करने की कोशिश की जा रही है।

नैनीताल उत्तराखंड का पहला जिला बन गया है जंहा पर इसकी शुरुवात की गई है।

इस पहल में आने वाले पर्यटको को उनके भ्रमण स्थलों पर पहाडी उत्पाद व व्यंजन उपलब्ध कराए जाएंगे।

नैनीताल जिलाधिकारी सविन बंसल की पहल पर इस योजना की शुरुवात की गई है।

जिसके अन्तर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों को बडे पैमाने पर आधुनिक लुक वाले वुडन आउटलैट उपलब्ध कराये जा रहे है।

जिनमे महिलायें अपने उत्पादों की ब्रिकी के साथ ही सैलानियों को लजीज व्यंजन भी परोस सकेंगी।

राज्य मे पहली बार है कि इतने बडे पैमाने पर महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार एवं आजीविका से जोडने के लिए प्रशंसनीय कार्यवाही की जा रही हैै।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 12 पर्यटक स्थलों पर हिलांस वुडन आउटलैट तैयार कर लिये गये है।

प्रत्येक आउटलेट के निर्माण 3.46 लाख की धनराशि व्यय हुई है।

इन वुडन आउटलैट का निर्माण कुमाऊ मण्डल विकास निगम द्वारा किया गया है।

नैनीताल मे इन जगहों होंगे आउटलेट…..

जिलाधिकारी द्वारा चयनित स्थल सातताल, स्नोव्यू, मुक्तेश्वर,नौकुचियाताल, टी गार्डन श्यामखेत, सरस मार्केट हल्द्वानी,

तहसील परिसर कालाढूगी, केव गार्डन, हनुमानगढी तथा सडिया ताल में यह हिलांस वुडन आउटलेट बनकर तैयार हो गये हैै।

आउटलेट मिलेंगे ये चीजें……

इन हिलांस वुडन आउटलैट मे स्वयं सहायता समूह की महिलायें अपने विभिन्न प्रकार के उत्पाद जैसे अचार, मुरब्बा, दालें,

मसाले, बडियां, हर्बल उत्पाद, रिंगाल/रामबांस से हस्त निर्मित टोकरियां एवं बैग, ऐपण व अन्य सामानों की ब्रिकी करेंगी।

जिलाधिकारी की इस पहल से जहां महिलाओ को रोजगार मिलेगा वही जनपद के स्थानीय उत्पादों को पहचान एवं बाजार मिलेगा।

 

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