कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की रामगंगा नदी में चल रहा है जानवरो की गिनती का काम।

पानी मे रहने वाले जानवरों की संख्या में देखी जा रही है कमी।

 

रामनगर(कमल खड़का)। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की रामगंगा नदी में इनदिनों जलीय जीवों की गणना का कार्य शुरू हो गया।

ऐसे में CTR की टीम ने विभिन्न रेजों में Water animals की आंकड़े संकलित करने शुरू कर दिये हैं।

वहीं, फरवरी 2020 में हुई गणना में रिजर्व में घड़ियाल और ऊदबिलाव की संख्या में कमी देखी गई थी।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की रामगंगा नदी
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की रामगंगा नदी

हालांकि, टीम का कहना था कि बरसात में गंदे पानी की वजह से जलीय जीवों की गणना ठीक नहीं हो पाई थी।

इसलिए इन जीवों की दोबारा गणना की जा रही है।

आपको बता दें कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में 2008 के बाद जलीय जीवों की गणना 2020 में की गई थी।
गणना के नतीजे फरवरी 2020 में जारी किये गए थे। जिसमें 2008 के मुकाबले जलीय जीवों की संख्या में काफी कमी देखी गई थी।
, हालांकि बरसात की वजह से गंदले पानी में जलीय जीवों की गणना ठीक से नहीं हो पाई।
कॉर्बेट प्रशासन पुन: जलीय जीवों की गणना कर रहा है।
कॉर्बेट प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, पार्क में साल 2008 में 50 मगरमच्छ पाए गए थे।
जिनकी संख्या साल 2020 की गणना में 98 पाई गई।
वहीं, 2008 घड़ियाल की संख्या 109 पाई गई थी, जो साल 2020 की गणना में घटकर 62 रह गई।
जबकि, साल 2008 में ऊतबिलाऊ की संख्या 74 आंकी गई थी, जो साल 2020 में घटकर महज 22 रह गई है।
सीटीआर की उपनिदेशक कल्याणी का कहना है कि रामगंगा व धारा नदी में जलीय जीवों की गणना के लिए दो टीमें बनाई थी।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की रामगंगा नदी के इस census में साफ हो जाएगा।

कि यंहा Water animals को लेकर स्थिति क्या है
22 नवंबर को जल्याजीवों की गणना की जानी थी लेकिन खराब मौसम रहते हुए उस समय नहीं यह गणना नहीं हो पाई।
ऐसे में हम अब विभिन्न रेंजों से जलीय जीवों के आंकड़े इकठ्ठे कर रहे हैं। जल्द ही आंकड़ों को सार्वजनिक कर दिया जाएगा।
 

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