वसीम जाफर के इस्तीफे पर गुरु और चेले आमने सामने

वसीम जाफर के इस्तीफे पर गुरु और चेले आमने सामने

वसीम जाफर के इस्तीफे पर गुरु और चेले आ गए आमने सामने
हरिद्वार(अरुण शर्मा)। वसीम जाफर के उत्तराखंड बोर्ड से इस्तीफा देने का मामले में अब गुरु और चेले आमने सामने आ गए है।

एक ओर जंहा गुरु मौजूदा बोर्ड के महासचिव पर पुर पूरा विश्वास जताया रहे है तो वही दूसरी ओर उनके क्रिकेट शिष्य रहे खिलाड़ी ने माहिम वर्मा एंड पार्टी को कठघरे में खड़ा कर दिया है।

वसीम जाफर के इस्तीफे पर गुरु और चेले आ गए आमने सामनेहम बात कर रहे है हरिद्वार में क्रिकेट के जाने माने कोच इंद्रमोहन बर्थवाल और कभी उनके क्रिकेट के शिष्य रहे रोहन सहगल के बीच चल रही जुबानी जंग की।
दरअसल मामला उत्तराखंड क्रिकेट टीम के हाल ही में नियुक्त हुए कोच वसीम जाफर के इस्तीफे के बाद रोहन सहगल ने क्रिकेट एशोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (सीएयू) पर कई सवाल खड़े किए थे।

जिसके बाद उनके गुरु रहे कोच इंद्रमोहन बर्थवाल खुल कर सीएयू के समर्थं में आ गए और सीएयू के सचिव महिम वर्मा पर पूरा भरोसा होने की बात कही।

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आपको बता दे कि उत्तराखंड क्रिकेट के कोच के तौर पर वसीम जाफर के इस्तीफे पर गुरु और चेले आ गए आमने सामनेवसीम जफर को नियुक्त किया गया था लेकिन उन्होंने अभी एक दिन भी उत्तराखंड क्रिकेट को नही दिया था कि उससे पहले ही उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

फिर क्या था कभी क्रिकेट की पिच पर लंबी पारी खेलने वाले खिलाड़ी रोहन सहगल ने सीएयू पर बाउंसर फेंक दिया।

रोहन ने जाफर के इस्तीफे को बोर्ड की नाकामी बताया और किसी बड़े घपले की ओर इशारा किया।

रोहन ने इस मामले में सरकार से भी इटरवीन करने की मांग की।

आजकल क्रिकेट की नई पौध तैयार करने में लगे कोच इंद्रमोहन बर्थवाल अपने पूर्व शिष्य की बाउंसर का सामना करने के लिए मैदान में आ गए ।

इंद्रमोहन ने रोहन के सभी आरोपो को निराधार बताया और महीन वर्मा पर पूरा भरोसा जताया।

जिला हरिद्वार क्रिकेट एशोसिएशन के सचिव इन्द्र मोहन बड़थ्वाल व सहसचिव कुलदीप असवाल ने बताया कि वसीम जाफर जैसा बल्लेबाज को उत्तराखंड क्रिकेट टीम का कोच बना कर, ये हमारे लिये गर्व की बात रही,

लेकिन उनको उत्तराखंड क्रिकेट टीम का कोच बनाने वाले भी पूर्व उपाध्यक्ष बीसीसीआई व क्रिकेट एसोसिएशन आफ उत्तराखंड के सचिव महिम वर्मा ही है।

जिला हरिद्वार क्रिकेट एशोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि उत्तराखंड क्रिकेट में महिम वर्मा और उनके परिवार का योगदान को कोई नही भूल सकता।

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