हंस फाउंडेशन उत्तराखंड के शहीद सैनिकों के बच्चों की
 

देहरादून(जगमोहन आज़ाद)। पुलवामा में उत्तराखंड के शहीद सैनिकों के बच्चों के लिए हंस फाउंडेशन ने मदद के लिए आगे आया हैं। फाउंडेशन ने इन बच्चों की शिक्षा-दिक्षा एवं भविष्य निर्माण में अहम कदम उठाया हैं। देश के हर सुख-दुःख में सेवा के लिए अग्रिम पंक्ति में खड़े समाज सेवी मंगला माता एवं भोले महाराज ने पुलवामा में शहीद हुए उत्तराखंड के सैनिकों के बच्चों के भविष्य निर्माण के लिए हाथ बढ़ाए है। शहीद मोहन लाल रतुड़ी जो की उत्तरकाशी जिले के बनकोट गांव निवासी थे उनकी तीन बेटियां और दो बेटे हैं। इनकी बेटी गंगा की आगे की शिक्षा-दिक्षा एवं भविष्य निर्माण हंस फाउंडेशन पूरा सहयोग करेगा।

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इस के साथ खटीमा के मोहम्मदपुर भूरिया गांव के रहने वाले शहीद वीरेंद्र सिंह राणा की चार वर्षीय बेटी रोही की शिक्षा-दिक्षा एवं उसके जीवन उत्थान के लिए जो भी सहयोग होगा। वह हंस फाउंडेशन के तत्वावधान में होगा उनके ढाई साल के बेटे बयान सिंह की शिक्षा-दिक्षा का पूरा खर्च भी फाउंडेशन उठाएंगी।
माता मंगला जी ने पुलवामा में हुई इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि इस कायराना हरकत का हमारे वीर जवान करारा जवाब दे रहे हैं। हम सब दुःख की इस घड़ी में शहीदों के परिजनों के साथ है। शहीद मोहन लाल रतुड़ी, शहीद वीरेंद्र सिंह राणा, शहीद मेजर विभूति ढौडियाल और शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट के साथ पुलवामा हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के सभी जवानों को हंस फाउंडेशन अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

समाजसेवी मंगला माता एवं भोले महाराज ने कहा कि पुलवामा में हुई इस घटना की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है। पूरा देश इन शहीदों की शहादत के प्रति नतमस्तक है और अपनी सेना,अपने अर्धसैन्य बलों व पुलिस के साथ पूरी तरह खड़ा है। हमारी सेना सशक्त व मजबूत है। हमारी सेना हमारा गौरव है। देश पर आने वाले किसी भी संकट का मुकाबला करने के लिए हमारे सैन्य बल समर्थ है।

 

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