गंगापुत्र स्वामी सानंद को लेकर अनुयायीओं ने जीती यह जंग

गंगापुत्र स्वामी सानंद को लेकर अनुयायीओं ने जीती यह जंग

ऋषिकेश(महेश पंवार)। आखिरकार लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद गंगापुत्र स्वामी सानंद के अनुयायियों को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है आदेश के बाद एम्स प्रशासन भी बैकफुट पर आ गया अब स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए सार्वजनिक तौर पर रखा जाएगा प्रत्येक दिन 50 लोग स्वामी सानंद के अंतिम दर्शन कर सकेंगे ।

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करीब 1 महीने बाद स्वामी सानंद के अनुयायियों को उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन हो पाएंगे इसके लिए उन्होंने कानून की लंबी लड़ाई लड़ी और 1 महीने बाद उन्हें राहत मिल पाई सुप्रीम कोर्ट से आदेश होने के बाद अब एम्स प्रशासन गंगापुत्र स्वामी सानंद के अंतिम दर्शन की व्यवस्था एम्स परिसर में ही बना रहा है इसके लिए प्रत्येक दिन करीब 1 घंटा निर्धारित किया गया जिसमें करीब 50 लोग प्रतिदिन स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर के दर्शन कर पाएंगे आपको बता दें कि 11 अक्टूबर को प्रोफेसर जी डी अग्रवाल और स्वामी सानंद की मौत एम्स में हो गई थी वे पिछले काफी समय से गंगा की अविरलता को लेकर अनशन पर थे इससे पहले उन्होंने लिखित रूप में एम्स प्रशासन को अपना शरीर देने की सहमति दे रखी थी उनकी मौत के बाद मातृ सदन और उनके अनुयाई अंतिम दर्शन के लिए जब एम्स पहुंचे तो एम्स प्रशासन ने उन्हें अंतिम दर्शन से रोक दिया था इसके बाद से ही स्वामी सानंद के अनुयाई कानून का सहारा ले रहे थे और 1 महीने बाद उन्हें कामयाबी मिल पाई अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश के मीडिया कोऑर्डिनेटर डॉ विजेंद्र ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया जा
सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि अगले 10 हफ्तों तक रविवार को 50-50 लोगो को गंगापुत्र स्वामी सानंद के दर्शन कराए जाएं,सर्वोच्च ने रविवार का दिन इस लिए भी चुना ताकि एम्स में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र छात्राओं के साथ साथ यहां उपचार कराने के लिए आरहे लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े ।

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