विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ अनुसूया प्रसाद मैखुरी के निधन से शांत हो गई पहाड़ की आवाज।

कोरोना को नही हरा पाए मैखुरी,उत्तराखंड की राजनीति में शोक की लहर।

 

देहरादून(कमल खड़का)। विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ अनुसूया प्रसाद मैखुरी केेआ निधन हो गया।

लगभग डेढ़ माह से तक वे देहरादून के मैक्स अस्पताल में कोरोना महामारी से जूझते रहे।

शनिवार को वे जिंदगी की इस जंग को हार गए।

विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ अनुसूया प्रसाद मैखुरी
विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ अनुसूया प्रसाद मैखुरी,कांग्रेस में शोक

डॉक्टर अनुसूया प्रसाद मैखुरी 2002 से 2007 के बीच में बद्रीनाथ से विधायक रहे।

सीएम त्रिवेंद्र रावत ने जताया शोक…..

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पूर्व विधायक एवं विधानसभा उपाध्यक्ष रहे अनुसूया प्रसाद मैखुरी के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।

उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है।

स्व. मैखुरी के निधन पर जारी अपने शोक संदेश में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि अनुसूया प्रसाद मैखुरी लोकप्रिय विधायक, कुशल राजनीतिज्ञ, समाजसेवी एवं सामाजिक सरोकारों से  जुड़े व्यक्ति थे।

फिर पुनः 2012 से 17 के बीच में कर्णप्रयाग से विधायक चुनकर आए तब वे विधानसभा में dept स्पीकर के रूप में भी कार्यरत रहे।

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उत्तराखंड राज्य आंदोलन में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।,कांग्रेस पार्टी के सच्चे सिपाही के रूप में उन्होंने जीवन भर कार्य किया ।

उत्तराखंड कांग्रेस मुख्यालय पर उनके निधन पर शोक सभा की गई और उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

उत्तराखंड में पक्ष हो या विपक्ष सभी उनके सरल स्वभाव के कायल थे।

पहाड़ की आवाज कहे जाने वाले अनुसूया प्रसाद मैखुरी के निधन पर सभी ने शोक व्यक्त किया।

विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल किया शोक व्यक्त….

विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने उत्तराखंड विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष रहे डॉ अनुसूया प्रसाद मैखुरी के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया और इसे प्रदेश की अपूर्ण क्षति बताया ।

विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं कर्णप्रयाग से दो बार विधायक रहे।

डॉ अनुसूया प्रसाद मैखुरी मृदुभाषी एवं सरल स्वभाव के धनी थे।

संसदीय कार्य के ज्ञाता रहे मैखुरी जी ने जीवन पर्यंत आध्यात्म से ओतप्रोत होकर सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों में अपना प्रतिभाग किया ।

विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने शोक प्रकट करते हुए कहा है कि स्वर्गीय मैखुरी ने 2012 से 2017 के बीच में उत्तराखंड विधानसभा में उपाध्यक्ष की भूमिका में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया ।

अग्रवाल ने स्वर्गीय मैखुरी के निधन पर शोक प्रकट किया और भगवान से प्रार्थना करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की ।

विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ अनुसूया प्रसाद मैखुरी के जाने पर सभी ने चाहे वो पक्ष हो या विपक्ष उन्हें याद किया।

धीरेंद्र प्रताप उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष ने जताया शोक।
मैखुरी का निधन आंदोलनकारियों की बड़ी क्षति -धीरेंद्र प्रताप उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने उत्तराखंड विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्षअनुसूया प्रसाद मैखुरी के निधन को राज्य आंदोलनकारियों की बड़ी क्षति बताया।

उन्होंने कहा है कि उन्होंने सदैव उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया और शहीदों के सपनों के अनुसार गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने के लिए सदैव संघर्षरत रहे।

उन्होंने कहा कि उनके योगदान को वर्षों तक राज्य आंदोलनकारी भुला नहीं पाएंगे ।

उन्होंने राज्य सरकार से उनकी याद में गैरसैंण में एक स्मारक बनाए जाने की मांग की ।

अनुसूया प्रसाद मैखुरी के जाने के बाद उनके सरल स्वभाव और पहाड़ को लेकर उनकी चिंता और विचारों के लिए उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा।

उत्तराखंड में उनके इसी व्यवहार को लेकर आज उन्हें हर कोई याद कर रहा है।

चाहे पक्ष और या फिर विपक्ष सभी राजनैतिक लोग उन्हें अपने अपने तरीके से विदाई दी रहे है।

 

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