देहरादून(अरुण शर्मा)। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के ड्रीम प्रोजेक्ट में धांधली ने सबको चौका दिया है।

पर्यटन मंत्री ने इस गड़बड़ी की जांच के आदेश दे दिए है।

बांध की ऊंचाई 8 मीटर से 10 मीटर बिना समिति की अनुमति के लिए गया।

सूर्यधार बैराज के निर्माण में हुई लापरवाही और अनियमितता की जांच सचिव सिंचाई को  सौंपी गई है।

सूर्यधार बैराज के निर्माण को लेकर शासन ने जब विभाग से आख्या मांगी तो यह अनियमतायें सामने आई।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि 1837.34 लाख रूपये की लागत के सापेक्ष 4100 लाख का अभी तक भुगतान किया जा चुका है।

महाराज ने विशेष जांच के आदेश में कहा कि  डीपीआर के उपलब्ध होने पर बैराज की ऊंचाई 8 मीटर से 10 मीटर तक किए जाने हेतु समिति की रिपोर्ट 6 सितंबर 2018 को आईआईटी अहमदाबाद से वैट एवं आईआरआई रुड़की से मॉडल स्टडी करवाया गया।

इन सबके बावजूद टेंडर को पुनर्रीक्षित कर अनुबंध क्यों नहीं किया गया।

सतपाल महाराज ने अपने आदेश में यह कहा है कि जिस समिति का उल्लेख किया जा रहा है।

उसके द्वारा अपनी रिपोर्ट में ऊंचाई बढ़ाने की कहीं भी संस्तुति नहीं की गई है।

तकनीकी सलाहकार ने 11 जून 2019 को अतिरिक्त कार्यों को कराने के लिए सलाह दी।

यह सलाह अनुबंध करने से पूर्व क्यों नहीं प्राप्त की गई इस सलाह का क्या औचित्य था।

जांच आदेश में कहा कि सलाहकार को नियुक्त करने के लिए क्या प्रशासन से अनुमति ली गई।

और उनकी सलाह को मानने से पूर्व कार्यों का तकनीकी परीक्षण कराकर क्या शासन की अनुमति प्राप्त की गई।

यह तमाम कारण हैं जिसके लिए सिंचाई मंत्री ने सूर्यधार बैराज के निर्माण से संबंधित कार्यों की विशेष जांच के आदेश दिए हैं।

सतपाल महाराज ने सचिव सिंचाई को सूर्यधार बैराज निर्माण कार्यों की जांच के आदेश देते हुए सेड्यूल ऑफ रेट से 20 प्रतिशत अधिक दर पर सिविल कार्य कराए गये।

इसी अनुबंध की दर के अंतर्गत ही अतिरिक्त कार्य भी कराए गये जिसके कारण सम्पूर्ण कार्य लगभग 62.00 करोड़ का कराया गया।

योजना हेतु स्वीकृत धनराशि 50. 24 करोड से लगभग 12 करोड़ अधिक है।

स्वीकृत धनराशि से 12.00 करोड अतिरिक्त धनराशि व्यय किया जाना शासकीय धन का दुरुपयोग है।

उल्लेखनीय है कि सूर्यधार बांध परियोजना से भोगपुर, घमंडपुर व लिस्ट्राबाद के 18 गांव की 1287 हेक्टेयर भूमि पर पूरे साल पर्याप्त सिंचाई हो सकेगी।

इस जलाशय के निर्माण से लगभग 33500 लोगों को पेयजल की समस्या से निजात मिल पायेगी।प

 

 

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