पौड़ी लोकसभा सीट पर खंडूरी के ठोस विकल्प के लिए निकाल सकता है यह फार्मूला

पौड़ी लोकसभा सीट पर खंडूरी के ठोस विकल्प के लिए निकाल सकता है यह फार्मूला

देहरादून(अरुण शर्मा)। लोकसभा चुनाव में उत्तराखंड की पांच सीटों पर बीजेपी अपनी जीत बरकार रखने के लिए माथपच्ची में लगी हुई हैं। पौड़ी लोकसभा सीट से खंडूरी के ठोस विकल्प और जीत का ऐसा फार्मूला तलाशने में लगी हैं,जो टिकट बंटवारे पर गुटबाजी को लगाम लगाने के साथ-साथ जीत का कारण बन सके।

भाजपा के लिए पौड़ी लोकसभा सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री व पौड़ी से मौजूदा सांसद भुवनचंद्र खंडूरी का उचित विकल्प तलाशना किसी चुनौती से कम नहीं हैं। जानकारी के अनुसार पार्टी इसके लिए खंडूरी के ठोस विकल्प के रुप में निशंक को आजमा सकती हैं। दरअसल निशंक ऐसा नाम है जिसके बाद गुटबाजी की कोई गुंजाइश इस सीट पर रहे। निशंक के साथ-साथ हरिद्वार सीट पर भी उनका विकल्प तलाश किया जा रहा है।

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खंडूरी के सबसे मजबूत विकल्प निशंक

बीजेपी के लिए पौड़ी लोकसभा सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूरी के विकल्प की तलाश हैं। जो किसी चुनौती से कम नहीं हैं। बहरहाल पार्टी को ऐसे किसी विकल्प की तलाश है जो न केवल इस सीट पर जीत हासिल करें अपितु जीत के मारजेन को भी बरकार रखें। बहरहाल मौजूदा राजनितिक हालात में खंडूरी के विकल्प के रुप में सबसे मजबूत निशंक ही दिखायी दे रहे हैं।

दरअसल निशंक का इस सीट से पुराना नाता रहा हैं। रमेंश पोखरियाल निशंक पहली बार विधानसभा के लिए कर्णप्रयाग से चुने गए थे। निशंक 1993 और 96 में इस संसदीय सीट की विधानसभा से विधायक रह चुके हैं। यही नहीं उनका जन्म स्थान भी पौड़ी ही है ऐसे में पार्टी उन्हे इस सीट पर खड़ा कर उन पर विश्वास कर सकती हैं। निशंक के इस सीट पर प्रत्याशी के तौर आना इस सीट पर चल रहे नये-नये नामों के आने से गुटों में बंटी भाजपा के लिए राह आसान हो सकती हैं।

हरिद्वार में निशंक का विकल्प कौन

अगर पार्टी रमेश पोखरियाल निशंक को पौड़ी से चुनाव लड़वाने का निर्णय लेती है तो हरिद्वार सीट पर उनके विकल्प को लेकर पार्टी के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा होता हैं। ऐसे में प्रदेश संगठन महामंत्री नरेश बंसल और मौजूदा कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ऐसे दो नाम है जिन का न केवल इस सीट पर दावेदारी के लिए नाम चल रहा है अपितु ये अपने को निशंक के सामने भी अपनी दावेदारी को मजबूत करने में लगे हुए हैं। नरेश बंसल और मदन कौशिक में मौजूदा हालात में मदन कौशिक का ग्राफ कुछ कम होता नजर आ रहा हैं।

हाल ही में हुए नगर निकाय के चुनाव में मदन अपने गृह निकाय को ही नहीं बचा पाये और हरिद्वार नगर निगम सीट पर उनके पंसदीदा उम्मीदवार को कांग्रेस ने चारों खाने चित्त कर दिया था। ऐसे में मदन कौशिक पर पार्टी का दांव खेलना खतरनाक ही नहीं सीट को दांव पर लगाने जैसा होगा। ऐसे में नरेश बंसल एक संतुलित उम्मीदवार साबित हो सकते हैं। नरेश बंसल की संगठन और कार्य​कत्ताओं में उनकी मजबूत पकड़ उनको इस सीट पर एक बेहतर उम्मीदवार साबित कर सकती हैं।

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