हरिद्वार (विकास चौहान)। एसएमजेएन(SMJN) का प्रबंधन पौधो में पानी देने की जगह प्राचार्य (Principal) की गाड़ी धोने में लगा रहता है, कहना है कॉलेज के ​ही यूनाइटेड स्टूडेंट फ्रंट के शगुन श्रोत्रिय का। एसएमजेएन (SMJN)  पीजी कॉलेज में इस बार भी छात्र संघ के चुनाव नहीं हुए। इससे छात्र—छात्राओं में जहां प्रबन्धन से नाराजगी है तो वहीं कॉलेज में छात्र राजनीति कर रही कांग्रेस और ​बीजेपी की एनयूसीआई और एबीवीपी से से भी खासी नाराजगी है इसी को लेकर छात्र—छात्राओं ने अलग एक नया ही संगठन यूनाइटेड स्टूडेंट फ्रंट बनाया है। जो एक वर्ष तक कॉलेज में छात्र छात्राओं के हितो के कार्य करेगा और जरूरत पड़ी तो अगले वर्ष चुनाव भी लड़ेगा।

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धर्मनगरी के सबसे पुराने डिग्री कॉलेज प्रबन्धन ने कॉलेज में चुनाव ना कराये जाने का अपना फैसला बनाये रखा और इस बार कॉलेज में चुनाव नहीं हुए। इसी से नाराज हो कर छात्र—छात्राओं के एक गुट द्वारा यूनाइटेड स्टूडेंट फ्रंट बनाया गया है जिसमें कई ऐसे छात्र—छात्राए जुडी है जोकि एनयूसीआई और एबीवीपी की सदस्यता छोड़ कर नये बनाए गये संगठन से जुड़े है। जोकि कॉलेज प्रबन्धन और छात्र—छात्राओं के बीच पैदा हो रहे गैप का भरने का कार्य करेगा। इसी को लेकर फ्रंट के छात्रों द्वारा प्रेस क्लब में एक प्रेसवार्ता की गयी जिसमें छात्र नेताओं ने एनएसयूआई और एबीवीपी पर आरोप लगाया कि दोनों की संगठन कॉलेज के छात्र—छात्राओं और कॉलेज को बदनाम करने का कार्य करते है जिससे छूटकारा पाने को कॉलेज के छात्र —छात्राओं फ्रंट का गठन किया है। इस वार्ता में छात्र नेताओं ने कॉलेज में छात्र—छात्राओं के सामने आ रही शौचालय ,लाईब्रेरी और कई अन्य तमाम समस्याओं को रखा। साथ ही उन्होंने कहा कि कॉलेज कर्मचारीगण प्राचार्य की गाड़ी साफ करने के लिए कॉलेज के पौधों को दिए जाने वाले बेशकिती पानी को भी बरबाद कर रहा है।

 

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