नैनीताल(कमल खड़का)। उत्तराखंड हाइकोर्ट ने प्राइमरी व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में फर्जी दस्तावेजो के आधार पर नियुक्ति पाए शिक्षकों के मामले में सुनवाई  की।

करीब साढ़े तीन हजार अध्यापकों के खिलाफ दायर जनहित याचिका दायर है।

कोर्ट ने राज्य सरकार से कल तक शपथ पत्र देने को कहा है।

जिसमे जिला, ब्लॉक, और तहसील स्तर पर सभी शिक्षकों के डाक्यूमेंट चैक किए जाएंगे।

कोर्ट ने पिछली तिथि को सरकार से पूछा था कि कितने अध्यापको के खिलाफ कार्यवाही की गई।
और वे कौन से अधिकारी है जिन्होंने यह कृत्य किया है उनके खिलाफ सरकार ने क्या कार्यवाही की है।
इसको लेकर कार्ट ने दो सप्ताह में इसका जवाब देने को कहा था।
आपको बता दे स्टूडेंट वेलफेयर सोसायटी हल्द्वानी ने जनहित याचिका दायर  की थी।
याचिका में कहा गया कि राज्य के प्राइमरी व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में करीब साढ़े तीन हजार अध्यापक जाली दस्तावेजो के आधार पर फर्जी तरीके से नियुक्त किये गए है।
जिनमे से कुछ अध्यापको की एसआईटी जाँच की गई जिनमे खचेड़ू सिंह ,ऋषिपाल ,जयपाल के नाम सामने आए।
परन्तु विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के कारण इनको क्लीन चिट दी गयी।
संस्था ने इस प्रकरण की एसआईटी से जाँच करने को कहा है।
पूर्व में राज्य सरकार ने अपने   शपथपत्र पेश कर   कहा था कि इस मामले की एसआईटी जांच चल रही है।
अभी तक 84 अध्यापक जाली दस्तावेजो के आधार पर फर्जी पाए गए है उन पर विभागीय कार्यवाही चल रही।
 

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