देहरादून(अरुण शर्मा) उत्तराखंड शिक्षा के लिए रविवार का दिन खास रहा।

रविवार को एक ओर जंहा 4 शिक्षकों को सम्मानित किया गया ।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चार शिक्षकों को ‘‘डाॅ. भक्त दर्शन उच्च शिक्षा गौरव पुरस्कार-2020’’ से सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने घोषणा की कि हेमवती नन्दन बहुगुणा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डाॅ. डी.एस. रावत के नाम पर

उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों के विज्ञान, काॅमर्स, सामाजिक क्षेत्र में  सराहनीय कार्य करने वालों को छात्रवृत्ति दी जायेगी।

मुख्य मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दून विश्वविद्यालय मेंे एक कार्यक्ररमम में यह सम्म्मा्मानन दिया।

उत्तराखंड के उच्च शिक्षा में चार लाख छात्रों को बड़ी सौगात मिलने वाली है।

जल्द की हर डिग्री काॅलेज में 4जी कनेक्टिविटी और वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी।

जिन चार शिक्षकों को सम्मानित किया गया उनमें

राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. मोहन चन्द्र पाण्डेय को वाणिज्य

प्रबंधन के क्षेत्र में, एम.बी काॅलेज हल्द्वानी के एसोसिएट प्रोफेसर  डाॅ. शिव दत्त तिवारी

वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र में, पं. ललित मोहन शर्मा

राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ऋषिकेश के प्रो. (डाॅ.) सतेन्द्र कुमार को साहित्य के क्षेत्र में

प्रो. डाॅ. संजय कुमार को इतिहास के क्षेत्र में  उल्लेखनीय योगदान के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया गया।

 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कर्नल (डाॅ.) डी.पी. डिमरी द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘उद्यमिता एवं हिमालय के प्रेरणादायक उद्यमी’’ का विमोचन भी किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दून विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि डाॅ. भक्त दर्शन ने शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सराहनीय कार्य किये।

उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने कहा कि अगले साल से डाॅ. भक्त दर्शन पुरस्कार उनके जन्म दिवस के अवसर पर 12 फरवरी को दिया जायेगा।

जयहरीखाल डिग्री काॅलेज का नाम डाॅ. भक्त दर्शन के नाम पर रखा गया है।

पौड़ी जनपद में मुसेटी गांव में उनका स्मारक बनाया गया है, अब मुसेटी में डाॅ. भक्त दर्शन द्वार बनाया जा रहा है।

 

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