उत्तराखंड में शिक्षकों की सैलरी न देने वालों पर होगी ये बड़ी कार्यवाही,सरकार ने जारी किये आदेश

उत्तराखंड में शिक्षकों की सैलरी न देने वालों पर होगी ये बड़ी कार्यवाही,सरकार ने जारी किये आदेश

देहरादून(अरुण शर्मा)। उत्तराखंड में निजी शिक्षण संस्थान की कोरोना के दौरान चल रही मनमानी पर सरकार ने सख्त रवैया अख्तिायार किया हैं। ऐसे निजी शिक्षण संस्थान के खिलाफ चिह्न्ति कर कार्यवाही करने के आदेश जारी कर दिये गये हैं। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ धन सिंह रावत ने प्रदेश के निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा की जा रही मानमानी का संज्ञान लिया।

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उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ रावत को विभिन्न माध्यमों से जानकारी प्राप्त हुई कि प्रदेश के कई निजी शिक्षण संस्थान अपने कर्मचारियों के साथ मनमानी पर उतारू हैं। ये शिक्षण संस्थान अपने कर्मचारियों को वेतन देने में आनाकानी कर रहे है या फिर आधा वेतन देकर इतिश्री कर रहे हैं।

प्रदेश के निजी शिक्षण संस्थानों पर लग रहे गंभीर आरोपों का संज्ञान लेते हुए माननीय उच्च शिक्षा मंत्री ने प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा डाॅ आनंदवर्द्धन को निर्देशित किया कि ऐसे शिक्षण संस्थान जो लाॅकडाउन के दौरान अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं निर्गत कर रहे हैं या आधा-अधूरा वेतन दे रहे हैं, के खिलाफ कठोर कार्यवाही अमल में लायी जाय।

उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ धन सिंह रावत ने निर्देश दिये कि ऐसे संस्थानों के खिलाफ विश्वविद्यालय स्तर पर कठोर कार्यवाही की जाय। इसके साथ ही माननीय उच्च शिक्षा मंत्री ने इस आशय की सूचना संबंधित विश्वविद्यालय द्वारा संबद्ध शिक्षण संस्थानों को प्रेषित करने के निर्देश भी दिये।

उन्होंने कहा कि इसके अनुपालन के लिए संबद्धता से संबंधित विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाय। इस दौरान उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी द्वारा पूर्व में देश व प्रदेश भर के सभी निजी संस्थानों से अपील की गई थी कि कोरोना संकट से उपजे हालाते को देखते हुए लाॅकडाउन अवधि का वेतन अपने कर्मचारियों को नियत समय पर दिया जाय।

लेकिन इसके बावजूद विभिन्न माध्यमों से शिकायतें मिल रही हैं कि कई संस्थान वेतन देने में अनाकानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थानों के खिलाफ संबंधित विश्वविद्यालय स्तर पर कठोर कार्रवाई करने के आदेश दे दिए हैं। वहीं प्रमुख सचिव स्तर से इस संबंध में विश्वविद्यालयों को आदेश निर्गत कर दिए गए हैं।

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