RAM मन्दिर निर्माण को लम्बी लडाई लड़ने वाले हंस देवाचार्य को कोर्ट के फैसले से मिली सच्ची श्रृद्धाजंलि

RAM मन्दिर निर्माण को लम्बी लडाई लड़ने वाले हंस देवाचार्य को कोर्ट के फैसले से मिली सच्ची श्रृद्धाजंलि

हरिद्वार (विकास चौहान)। अयोध्या राम (RAM) मंदिर विवाद का धर्म नगरी हरिद्वार के संतो के साथ बहुत पुराना रिश्ता रहा है । हरिद्वार में कई ऐसे संत हुए हैं जिन्होंने अपने जीवन भर राम(RAM) मंदिर निर्माण की लड़ाई लड़ी है । ऐसे ही एक शीर्ष संत थे जगद्गुरु रामानंदाचार्य हंस देवाचार्य महाराज जिनकी पिछले साल एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। जगतगुरु रामानंदाचार्य हंस देवाचार्य महाराज अपने जीवन भर राम मंदिर आंदोलनों से जुड़े रहे और हाल ही में दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में देश भर के संतो के साथ राम मंदिर निर्माण को लेकर बड़ा आंदोलन भी उन्होंने किया था।
आज राम मंदिर मामले पर आए कोर्ट के फैसले के बाद उनके शिष्य लोकेश दास महाराज ने खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि वैसे तो गुरु जी के ब्रह्मलीन हो जाने के बाद एक श्रद्धांजलि सभा की गई थी। लेकिन आज राम मंदिर के पक्ष में आया यह फैसला उनको सच्ची श्रद्धांजलि है उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह कोई राजनीतिक फैसला नहीं है यह सुप्रीम कोर्ट का फैसला है ।जिसे सभी लोगों को मानना चाहिए और देश में अमन शांति और सौहार्द बनाए रखना चाहिए साथ ही उन्होंने कहा है कि वह राम मंदिर निर्माण में अपना तन ,मन,धन लगा देंगे और जैसे ही राम मंदिर का निर्माण होगा तो हरिद्वार और ऋषिकेश के युवा संतो के साथ वहां पहुंचकर निर्माण कार्य में कारसेवा भी करेंगे।

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