मोरारी बापू की श्रीमद् भागवत कथा सुनने को आपको कराना है ये काम।

कोरोना की गाइडलाइन को देखते हुए नौ दिवसीय रामकथा सुनने का लाभ अस्था टीवी और यूट्यूब के माध्यम लिया जा सकता है।

शुक्रताल : बालकृष्ण की लीलास्थान रमणलेती में 11 दिवसीय रामकथा के बाद मोरारी बापू पवित्र शुक्रतीर्थ में 852 वीं कथा करेंगे। साढ़े पांच हजार साल पहले, इस तीर्थ पर स्थित अक्षयवट के नीचे बैठकर, शुकदेव मुनि ने महाराज परीक्षित को भवतरिणी, मोक्षदायीनी श्रीमद् भागवत की कथा सुनाई थी।

खास खबर पढ़े-उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में क्या है पलायन की मुख्य वजह

भागवत पुराण का पहली बार 88,000 ऋषियों की उपस्थिति में गान हुआ था।

“शुक्रताल” वह जगह है जिसे योगी आदित्यनाथ की सरकार ने साधु-संतो और जनता की सालों पुरानी भावनाओं और मांगों को ध्यान में रखते हुए इस स्थान का नाम बदल कर शुक्रतीर्थ किया है।

यहां गणेश जी की 35 फीट ऊंची प्रतिमा, भगवान शंकर की 108 फीट ऊंची प्रतिमा, मां दुर्गा की 80 फीट ऊंची प्रतिमा और श्री हनुमानजी महाराज की 72 फीट ऊंची प्रतिमा है, जिसमें 7 करोड बार रामनाम है।

मोरारी बापू 19 दिसंबर से 26 दिसंबर तक सुबह 9/30 से 1/30 बजे तक हर दिन रामकथा का करेंगे।

कोरोना के दिशानिर्देश के अनुसार, प्रशासन द्वारा निर्धारित सभी नीतियों और नियमों का कड़ाई से पालन होगा।

सीमित दर्शकों के सामने नौ दिवसीय रामकथा सुनने का लाभ अस्था टीवी और यूट्यूब के माध्यम से हर सुबह 9.30 बजे से आनंद लिया जा सकता है।

मोरारी बापू की वैश्विक व्यास-वाटिका के फूलो को 19 दिसंबर का इंतजार है।

 

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *