हरिद्वार (आश्रुति)। हरिद्वार में देशभर के कई राज्यों लायी गयी 8296 लावारिश लोगो की अस्थियो को गंगा में प्रवाहित किया गया। श्री देवोत्थान सेवा समिति से जुड़े लोगों ने देशभर से इन अस्थियो को एकत्रित कर पुरे हरिद्वार शहर में अस्थि कलश यात्रा निकाली, इसके बाद हरिद्वार के सतीघाट घाट पर पुरे विधि विधान व वैदिक मंत्रोचारण के साथ गंगा में प्रवाहित किया।

खास खबर :— Gujjar समाज के लोगो ने दी आंदोलन और चक्का जाम करने की चेतावनी।

खास बात ये है कि इस बार सिंगापुर और दुबई से भी भी लाइ गई अस्थियो को भी मोक्ष प्राप्ति के लिए हरिद्वार लाया गया। देवोत्थान सेवा समिति से जुड़े लोग पिछले अठारह वर्षो से, भारत के कई राज्यों से इन लावारिस अस्थियो को इकठा करके गंगा में प्रवाहित करने का काम करते चले आ रहे है। इस दौरान कालका पीठाधीश्वर सुरेंद्रनाथ अवधूत ने कहा कि श्री देवोत्थान समिति अब तक लाख अठाईस हजार चार सौ तिरानबे लावारिस लोगो की अस्थियों को गँगा में प्रवाहित कर चुके है और इस बार उन्होंने विदेशो से भी कुछ लोगो की अस्थियां लाकर गँगा में प्रवाहित की है।
माँ गंगा को मोक्षदायिनी भी कहा जाता है। मान्यता है कि मरणोपरांत व्यक्ति की अस्थियों को वैदिक विधि विधान के साथ माँ गँगा में मोक्ष प्राप्ति के लिए ही गँगा में प्रवाहित की जाती है। श्री पंचायती निर्मल अखाड़े के कोठारी श्रीमहंत जसविंदर ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सभी धर्मो का मूल वेद है , वेदों में लिखा है कि व्यक्ति के मरणोपरांत मोख प्राप्ति के लिए गँगा का विशेष महत्त्व है। इस दौरान श्री देवोत्थान समिति के अध्यक्ष अनिल नरेंद्र , विजय शर्मा , उमेश कौशिक , अवधेश शर्मा श्री स्वामी प्रेमानंद जी महाराज आदि कई लोग मौजूद रहे।

 

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *