राम मंदिर निर्माण आंदोलन की खट्टे-मीठे सफर का ऐतिहासिक अन्जाम

राम मंदिर निर्माण आंदोलन की खट्टे-मीठे सफर का ऐतिहासिक अन्जाम

हरिद्वार(अरुण शर्मा) बुधवार के दिन राम भक्तों के लिए आज तक सबसे खास दिन रहा। करीब 500 साल से चला आ रहा संघर्ष और बलिदान को सुखद अन्जाम मिला।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ साथ, देश के बड़े संत इस दिन के साक्षी बने। हरिद्वार से कई बड़े संत इस शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए।

इस अवसर पर सभी ने राम मंदिर आंदोलन के अग्रज रहे अशोक सिंघल को मन ही मन श्रधंजलि दी।

लम्बे संघर्ष व लाखों रामभक्तों के बलिदान के बाद यह स्वर्णिम पल आज आया है।

जब समस्त मानव सभ्यता के आराध्य मर्यादा पुर्षोत्तम भगवान श्री राम के जन्मस्थली पर भव्य राम मंदिर का भूमि पूजन हुआ।

स्वयंसेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत की व उ० प्र० के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी उ.प्र.की आनंदीबेन पटेल की गरिमा मय उपस्थिति में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदर मोदी के द्वारा हुआ।

जिसके साक्षी पूरी सनातन धर्म के ध्वजवाहक भगवान के प्रतिनिधि के रूप में देश के प्रमुख संत विजय कौशल महाराज, योग गुरु रामदेव, जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंदगिरी, हरिद्वार के माँ मनसादेवी के प्रमुख रवींद्र पुरी, परमार्थ आश्रम के परमाध्यक्ष चिदानंद मुनि आदि सैकड़ों प्रमुख संत उपस्थित रहे।

विराट व पावन उत्सव के साक्षी रहे यह पल पूरे हिंदू समाज व सनातन परम्परा के लिए यादगार पल है।

समस्त हिन्दू समाज को इस हर्ष के उत्सव की बहुत बहुत हार्दिक बधाई व राम जन्म भूमि आंदोलन के प्रमुख रहे स्व. अशोक सिंघल जिनके अथक प्रयास से हिंदू समाज को यह शुभ अवसर देखने को मिला। राम मंदिर आंदोलन

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