हरिद्वार कुंभ का तीसरा शाही स्नान- नागाओं और संतों का अदभुत अंदाज

हरिद्वार कुंभ का तीसरा शाही स्नान- नागाओं और संतों का अदभुत अंदाज

हरिद्वार कुंभ का तीसरा शाही स्नान- नागाओं और संतों का अदभुत अंदाज

हरिद्वार(कमल खड़का)। हरिद्वार कुंभ का तीसरा शाही स्नान है।

बैशाखी का पर्व कुम्भनगरी हरिद्वार में पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है।

हरकी पैड़ी व अन्य गंगा घाटों पर सुबह 05 बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ है।

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चूंकि आज शाही स्नान है जिसके कारण हरकी पैड़ी आम श्रद्धालु के स्नान के लिए सुबह 08 बजे तक ही खुली रही।

जिसके बाद विभिन्न संतो के अखाड़े शाही स्नान कर रहे है और शाम तक जब तक सभी 13 अखाड़े स्नान करते रहे

हरिद्वार कुंभ का तीसरा शाही स्नान- नागाओं और संतों का अदभुत अंदाजदेशभर से आए श्रद्धालुगण कुम्भ पर्व पर माँ गंगा में स्नान करके माँ गंगा से आराधना कर रहे हैं।

उनका जीवन शांतिपूर्वक बीते और जिस तरह से ईश्वर द्वारा उन पर कृपा की गयी है

वो आगे भी बनी रहे तथा धरती माँ इसी तरह से फसल प्रदान करती रहे।

हरिद्वार कुंभ का तीसरा शाही स्नान- नागाओं और संतों का अदभुत अंदाजदरअसल बैशाखी के अवसर पर गेहूं की फसल तैयार हो जाती है और इस दिन से फसल कटनी शुरू हो जाती है।

बैशाखी पर गंगा स्नान का विशेषजबकि महत्व है। स्नान का महत्व होने से हरिद्वार में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते है

और माँ गंगा का स्नान कर दान, भंडारा आदि करते हैं। आज का बैशाखी स्नान कुंभ पर्व पर पड़ रहा है।

जिसे लेकर पंडित कहते हैं कि आज कुंभ स्नान का विशेष योग है आज हरकी पैड़ी या गंगा के किसी अन्य गंगा घाट पर किया गया स्नान कई सौ गुना फल देने वाला है।
बैसाखी का पर्व यानि गंगा स्नान कर पुण्य कमाने का मौका और उस पर कुम्भ पर्व,
आज के दिन गंगा में स्नान करने के लिए गंगा तटों पर लगी है लोगो की भारी भीड़।
हरिद्वार में भी आज सुबह तङके से ही गंगा स्नान करने के लिए हरकी पौङी पर श्रद्धालुओं की भीङ जुटनी शुरु हो गई थी।
उन्होंने कहा कि वैसे तो सभी स्नानों पर गंगा स्नान का महत्व है
शाही स्नान पर मेला प्रशासन और मेला पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद दिखाई दिया।
अखाड़ों के स्नान क्रम को बहुत ही एहतियात से पूरा कराया जा रहा है।

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