गंगा स्कैप चैनल-गंगा घाटों पर दीवाली तो कांग्रेस भी हुई त्रिवेंद्र की कायल

गंगा स्कैप चैनल-गंगा घाटों पर दीवाली तो कांग्रेस भी हुई त्रिवेंद्र की कायल

गंगा स्कैप चैनल शासनादेश को लेकर गंगा घाटों पर दीवाली

कांग्रेस भी त्रिवेंद्र रावत के इस फैसले की हुई कायल

देहरादून(अरुण शर्मा)। गंगा स्कैप चैनल शासनादेश निरस्त होने के बाद गंगा के पुराने स्वरूप में आने पर हरिद्वार गंगा घाटों पर दीवाली मनाई गई।

वही दूसरी ओर उत्तराखंड की प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस भी त्रिवेंद्र के इस फैसले से खुश है।

उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने ने इसका स्वागत किया है।

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उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के इस फैसले से कुछ वर्षों पहले हुई भूल में सुधार कर दिया गया है।

उन्होंने इस फैसले पर भाजपा सरकार को बधाई दी है।

गंगा घाटों पर दीवाली

तीर्थ पुरोहितों ने स्कैप चैनल के शासनादेश को वापस लेने पर गंगा घाटों पर दीवाली मनाई।

गंगा स्कैप चैनलयही नही उन्होंने अपने तरेसठ दिन से चले आ रहे धरने में शामिल तीर्थ पुरोहितों ने गंगा में दूध भी चढ़ाया।

सरकार ने स्कैप चैनल वाला शासनादेश रद्द कर दिया है हमें ख़ुशी है के माँ गंगा का खोया सम्मान वापस आ गया है।

आज माँ गंगा का दुगधाभिषेक कर गंगाा घाटोंं पाार जाामकर आतिशबाजी की गई।

सोमवार को सभी पुरोहितों के साथ साथ इस आंदोलन को समर्थन देने वाले सभी लोगों के साथ माँ गंगा जी का विधी विधान पूजन करेंगे।

त्रिवेंद्र की कायल हुई कांग्रेस

उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने स्कैप चैनल के शासनादेश रद्द होने का स्वागत किया।

यह शासनादेश 2016 में हरीश रावत सरकार में हुआ था।

धीरेंद्र प्रताप ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी अपने इस फैसले को वापस लिए जाने की पहले की वकालत कर चुके थे।

उन्होंने कहा पवित्र गंगा सदियों से हिंदुओं को प्रेरणा देती रही है।

भारत राष्ट्र की मां गंगा के बिना कल्पना भी नहीं की जा सकती ।

क्योंकि गंगा एस्केप चैनल घोषित किए जाने से दुनिया भर के हिंदुओं के दिनों को चोट पहुंची थी।

और वे पवित्र गंगा को मात्र एक धारा कहे जाने से भारी दुख और कुंठा महसूस कर रहे थे ।

उन्होंने कहा कि यदि श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत यह फैसला ना भी लेते तो कांग्रेस सरकार जब भी आती तो वह भी इसी फैसले के हक में अपना निर्णय लेती।

धीरेंद्र प्रताप ने सरकार के इस कदम को देर आयद दुरुस्त आयद की संज्ञा दी।

उन्होंने हर की पैड़ी में अब कम से कम 4 फुट पानी छोड़े जाने की वकालत की है।

उन्होंने कहा कि अभी जो हालत बनी हुई है उसमें सामान्य कद के व्यक्ति तो क्या छोटे बच्चों के लिए भी गंगा स्नान करना एक स्वप्न बना हुआ है ।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कदम के साथ-साथ नदी के आसपास प्रशिक्षित तैराकों का एक दल भी हर वक्त तैनात किया जाना चाहिए।

जिससे कि किसी भी प्रकार की दुर्घटनाओं से लोगों को बचाया जा सके।

उन्होंने मुख्यमंत्री के पवित्र गंगा को पुराना स्थान और सम्मान लौटाने पर लिए गए इस फैसले पर भाजपा सरकार को बधाई दी है।

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