भगवान पशुपतिनाथ के अभिषेक को गंगा कलश यात्रा का क्या है महत्व ?

भगवान पशुपतिनाथ के अभिषेक को गंगा कलश यात्रा का क्या है महत्व ?

भगवान पशुपतिनाथ के अभिषेक को गंगा कलश यात्रा पहुंची हरिद्वार

गंगा जल से पूरे साल होगा भगवान पशुपतिनाथ का अभिषेक

हरिद्वार(अरुण शर्मा)। भगवान पशुपतिनाथ के अभिषेक हेतु आयोजित गंगा कलश यात्रा हरिद्वार पहुंची।

गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के साथ शुरू हुई यह यात्रा उत्तरप्रदेश के गोरखपुर होते हुए नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचेगी।

बुधवार को पूरे धार्मिक सम्मान और संतों की उपस्थिति में इस गंगा कलश यात्रा को विदा किया गया।

भगवान पशुपतिनाथ के अभिषेक
भगवान पशुपतिनाथ के अभिषेक को गंगा कलश यात्रा

मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविन्द्र पुरी ने बताया कि गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद पवित्र गंगा कलश यात्रा शुरू हुई।

यह गंगा कलश यात्रा नेपाल स्थित पशुपति नाथ मन्दिर नेपाल में अभिषेक के लिए ले जाये जा रहे गंगा जल के लिए है।

उन्होंने बताया कि इसी जल से पूरे साल भगवान पशुपति नाथ का जलाभिषेक होगा।

मंगलवार को यह कलश यात्रा पंचायती अखाड़ा निरंजनी के चरण पादुका स्थल पर पहुंची।

आज पवित्र कलश को परम्परा गत तरीके से विदाई दी गई।

अपर कुम्भ मेला अधिकारी सरदार हरबीर सिंह ने कहा कि उत्तराखंड से मां गंगोत्री से पशुपतिनाथ मंदिर में जलाभिषेक हेतु पवित्र कलश यात्रा हमारे एवं नैपाल के मध्य सम्बन्धों को प्रर्दशित करता है।

हमारे एवं नेपाल के मध्य रोटी एवं बेटी का सम्बन्ध प्राचीन काल से चला आ रहा है।

तथा यह परम्परा हमारी सांस्कृतिक विरासत को ओर अधिक मजबूत करेंगी।

पवित्र गंगा कलश लेकर रावल शिवप्रकाश महाराज इसके पश्चात इन्दू इनक्लेव स्थित डॉ सुनील कुमार बत्रा के आवास पर पहुंचे।

वहां श्रृद्धालुओ ने पवित्र कलश पर पुष्प अर्पित किये । इसके बाद पवित्र कलश मुरादाबाद के लिए रवाना हो गया।
पवित्र कलश 27 नवम्बर को लखनऊ से गोरक्षनाथ मठ गोरखपुर के लिए पहुंचेगा।

भगवान पशुपतिनाथ के अभिषेक

पवित्र कलश 28 नवंबर को भैरवा होते हुए नैपाल की सीमा में प्रवेश कर 30 नवम्बर को पशुपतिनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया जायेगा।

गंगोत्री धाम के रावल शिवप्रकाश महाराज ने कहा कि मां गंगा की यह पवित्र यात्रा का समापन नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर में अभिषेक के साथ सम्पन्न होगा।

हरिद्वार नागरिक मंच के अध्यक्ष डॉ सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि यह हरिद्वार का सौभाग्य है।

पवित्र गंगा कलश के दर्शन करने का सभी हरिद्वार वासियों को सौभाग्य मिल रहा है।

भगवान पशुपतिनाथ के अभिषेक

मां गंगा जीवनदायिनी हैं तथा भारत की जीवनरेखा हैं।

मां गंगा को स्वच्छ रखने का संकल्प हम सभी को लेना होगा तभी मां गंगा के दर्शन और उनकी पूजा करने की सार्थकता होगी।

भगवान पशुपतिनाथ के अभिषेक का अपना ही महत्व है।

ये लोग रहे मौजूद…..

पंचायती अखाड़ा निरंजनी के चरण पादुका स्थल से अपर कुम्भ मेला अधिकारी सरदार हरबीर सिंह, मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के परमाध्यक्ष श्रीमहंत रविन्द्र पुरी,

एस एम जे एन पी जी कालेज हरिद्वार के प्राचार्य डॉ सुनील कुमार बत्रा, भाजपा के महामंत्री विकास तिवारी, अनिल शर्मा,बिन्दू गिरी, महंत डोंगर गिरी,

महंत राम रत्न गिरी, महंत नरेश गिरी, दिगम्बर राकेश गिरी, महंत दिनेश गिरी, महंत राधे गिरी, दिगम्बर अंबिका पुरी, दिगम्बर राज पुरी ,

श्रीमहंत केशव पुरी , महंत रविपुरी, पदम् नारायण गिरि, वैभव बत्रा, उज्ज्वल बत्रा, अमृता शर्मा ,विमल उपाध्याय, चेयरमैन गुजरात आर्थिक निगम के हेमंत टुटेजा, प्रतीक सूरी, संदीप अग्रवाल, सुंदर राठौर,

अर्जुन, मनोज मंत्री, आदि संत-महंत उपस्थित रहे आदि ने जयकारे के बीच पवित्र कलश को विदा किया।

 

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