गंगा सफाई खुलासा-हजारों करोड़ की नमामि गंगे नहीं,चंद रुपये की चीज कर रही गंगा साफ

गंगा सफाई खुलासा-हजारों करोड़ की नमामि गंगे नहीं,चंद रुपये की चीज कर रही गंगा साफ

हरिद्वार(विकास चौहान)। गंगा सफाई का सरकार के दावों को लगा बड़ा झटका। हरिद्वार में गंगा जी को साफ करने के लिए क्लोरिन गैस मिलायी जा रही हैं। इसका खुलासा आरटीआई में मांगी गई सूचना में हुआ। सोमवार को मातृ सदन ने इसका खुलासा करते हुए यह बात पत्रकारों के सामने रखी। मातृ सदन के संस्थापक स्वामी शिवानंद सरस्वती ने इसे गंगा जी के साथ छल बताया। उन्होने सरकार के साथ—साथ संतो की सर्वोच्च संस्था अखाड़ा परिषद पर भी जमकर निशाना साधा।

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गंगा जी को साफ करने का दावा करने वाली नमामि गंगे योजना गंगा जी को साफ नहीं कर रही हैं। गंगा जी को साफ करने के लिए क्लोरिन गैस रोज गंगा में डाला जा रहा हैं। इस बात का खुलासा आरटीआई में मिली जानकारी में हुआ। सूचना के अधिकार में दी गयी जानकारी में अनुरक्षण ईकाई ने बताया कि गंगा मे प्रतिदिन क्लोरिन गैस डाली जाती हैं।

प्रयागराज कुंभ में क्लोरिन गैस के पानी से हुआ स्नान

प्रयागराज का कुंभ के स्नान को अलौकिक सुख प्राप्त करने वाले संतो को यह जानकार शायद दुख ही होगा। जिस गंगा के पानी में उन्होने स्नान किया वह हरिद्वार में क्लारिन गैस से साफ किया हुआ था। इस बात का खुलासा होने के बाद मातृ सदन के स्वामी शिवानंद ने कहा गंगा में प्रति दिन क्लारिन गैस मिलाया जा रही है। उन्होने बताया कि अनुरक्षण शाखा( गंगा) से मांगी गई सूचना में यह जानकारी मिली हैं।

उन्होने कहा कि प्रयागराज में जिस गंगा को साफ बताया जा रहा था उसमें क्लोरीन गैस डाल कर साफ किया जा रहा था जिस कारण गंगा में पाये जाने वाली मछलियां मर गई और जो लोग वहाँ लगातार रहे वो बीमार हुए।

शिवानंद ने अखाड़ा परिषद पर हमला करते हुए कहा कि जो संत ये दावा कर रहे है कि प्रयागराज का कुंभ अलौकिक रहा, वे अपने धर्म का पालन करें। आज का संत धर्म के मार्ग से भटक कर धन कमाने की होड़ में लग गए है। कुंभ में सरकार की तरफ से दिए गए पैसे के लिए सरकारों की बढ़ाई की जा रही है।

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