डासना पीठाधीश्वर नरसिम्हा नन्द ने Sanatan Dharma की रक्षा को शुरू की पदयात्रा

डासना पीठाधीश्वर नरसिम्हा नन्द ने Sanatan Dharma की रक्षा को शुरू की पदयात्रा

हरिद्वार (विकास चौहान)। सनातन धर्म (Sanatan Dharma) की रक्षा के लिए धर्म जगाओ अस्तित्व बचाओ पदयात्रा का आरंभ आज हरिद्वार के भूमानंद आश्रम से हुआ । जिसकी अगुवाई डासना पीठ के पीठाधीश्वर नरसिम्हा नंद सरस्वती महाराज कर रहे हैं इस अवसर पर भूमानन्द आश्रम के पीठाधीश्वर अच्युतानंद महाराज भी मौजूद रहे साथ ही श्री ब्राह्मण महासभा ने भी अपना समर्थन इस पदयात्रा को दिया।

अपनी हिंदूवादी कट्टर छवि वाले नरसिम्हा नंद सरस्वती 1 दिन पूर्व भूमानन्द आश्रम पहुंचे थे जहां उन्होंने हिंदू धर्म की रक्षा और अस्तित्व बचाने के लिए भूमानंद आश्रम के पीठाधीश्वर अच्युतानंद महाराज से चर्चा करी थी इसके बाद आज उन्होंने धर्म जगाओ अस्तित्व बचाओ नाम से एक पद यात्रा का शुभारंभ किया जिसमें क्षेत्र के दर्जनों साधु संतों ने भाग लिया साथ ही इस पदयात्रा का समर्थन करते हुए श्री ब्राह्मण सभा ने भी अपने सदस्यों के साथ इस पदयात्रा में हिस्सा लिया। इस अवसर पर डासना पीठ के पीठाधीश्वर यदि नरसिम्हा नंद सरस्वती ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि आज हिंदू धर्म अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है जबकि गैर हिंदू धर्म अपनी संख्या और अपने धर्म का प्रचार जोर-शोर से कर रहे हैं आज जरूरत है कि हिंदू धर्म का प्रचार प्रसार और उसकी रक्षा और उसकी संस्कृति रक्षा की जाए जिसके लिए वे अपनी पदयात्रा में विभिन्न मठ मंदिरों में जाएंगे और साधु संतों से हिंदू धर्म के प्रचार प्रसार और उसकी रक्षा और उसकी संस्कृति की रक्षा के लिए वचन लेंगे। वही इस अवसर पर श्री ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष अधीर कौशिक ने कहा कि आज नई पीढ़ी अपने हिंदू संस्कृति को पूरी तरह से भूलती जा रही है इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य यही है कि अपनी नई पीढ़ी को अपनी भारतीय संस्कृति से अवगत कराते हुए हिंदू धर्म की संस्कृति का प्रचार किया जाए।इस यात्रा का समापन 5 दिन बाद हरिद्वार के पतंजलि योगपीठ में होगा।

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