हरिद्वार गंगा आरती में पहुँचे सीएम तीरथ, अधिकारी को देख नाराज हुए संत

हरिद्वार गंगा आरती में पहुँचे सीएम तीरथ, अधिकारी को देख नाराज हुए संत

हरिद्वार गंगा आरती में पहुँचे सीएम तीरथ, अधिकारी को देख नाराज हुए संत

हरिद्वार(अरुण शर्मा)। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने हर की पैड़ी हरिद्वार में गंगा महापूजन कार्यक्रम में भाग लिया।

महापूजन का आयोजन कुंभ मेले के सफल आयोजन के उद्देश्य से किया गया।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि दिव्य और भव्य के साथ ही सुरक्षित कुंभ का आयोजन करने के लिए सरकार संकल्पित है।

हरिद्वार गंगा आरती में पहुँचे सीएम तीरथ, अधिकारी को देख नाराज हुए संतहरिद्वार के तीन संस्कृत महाविद्यालयों से आए 151 आचार्यों ने महापूजन के दौरान चारों ओर से मंत्रोच्चारण और शंखनाद किया।

संत हुए नाराज

हरिद्वार में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने गंगा पूजन में चीफ सेक्रेटरी ओम प्रकाश की मौजूदगी पर सवाल उठाए।

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उन्होंने कहा की मेले का माहौल चीफ सेक्रेटरी खराब करना चाहते हैं

उनका आज पूजन में आने का कोई औचित्य नहीं था उसके बावजूद भी वह आज हरिद्वार में मुख्यमंत्री के साथ आए हैं ।

दरअसल अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरी शुरू से ही हरिद्वार में हो रहे महाकुंभ को दिव्य और भव्य कराने के लिए अपने बयान देते आए हैं

जिसको लेकर उन्होंने पहले भी कहा है कि कई अधिकारी हरिद्वार में कुंभ दिव्य और भव्य हो यह नहीं चाहते हैं

इसलिए उन्होंने पहले भी मुख्यमंत्री से मांग करी थी कि वह ऐसे अधिकारियों को निर्देश दे कि वह हरिद्वार में कुंभ कराने के पक्ष में आए ना

कि कुंभ को समेटने के आज जब मुख्यमंत्री के साथ चीफ सेक्रेटरी ओमप्रकाश हर की पैड़ी ब्रह्मकुंड पर पहुंचे

तो अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष का गुस्सा फूले नहीं समाया और उन्होंने हरिद्वार में आए ओम प्रकाश का विरोध किया

उन्होंने कहा कि आज मुख्यमंत्री और अखाड़ा परिषद ने मां गंगा से प्रार्थना कि है हरिद्वार में होने वाला महाकुंभ दिव्य भव्य और सुरक्षित हो।

इस पूजा में केवल अखाड़ा परिषद अध्यक्ष या फिर गंगा सभा , आईजी या मेला अधिकारी का हरिद्वार में होने का औचित्य था

ना कि चीफ सेक्रेटरी ओमप्रकाश का। दरअसल ऐसा माना जा रहा है

कि मुख्यमंत्री कोरोना संक्रमित होने के बाद आज पहली बार है हरिद्वार आए थे

जिसको लेकर अखाड़ा परिषद मुख्यमंत्री के साथ हरिद्वार में हो रहे महाकुंभ पर चर्चा करना चाहता थे

कुंभ में हो रही लापरवाही के बारे में मुख्यमंत्री को बचाना चाह रहे थे।

लेकिन चीफ सेक्रेटरी ओमप्रकाश के होने के कारण यह सफल नहीं हो पाया यही कारण है अखाड़ा परिषद का बोल सेक्रेटरी के खिलाफ हुए।

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