दो दिन में 2000 किलोमिटर का सफर तय कर रावल पहुंचे ऊखीमठ

दो दिन में 2000 किलोमिटर का सफर तय कर रावल पहुंचे ऊखीमठ

रुद्रप्रयाग(अरुण शर्मा)। बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने को लेकर चला आ रहा अवरोध अब शायद समाप्त हो जाए। बाबा केदारनाथ के मुख्य रावल ऊखीमठ पहुंच गये हैं। 2 दिन में 2000 किलोमीटर गाड़ी से चलकर भीमाशंकर लिंग ऊखीमठ पंहुचे

खास खबर—उत्तराखंड में मिले दो और नये कोरोना के मरीज,हरिद्वार के है ये दोनो लोग
विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग बाबा केदारनाथ मंदिर के मुख्य रावल 1008 जगत-गुरु भीमाशंकर लिंग बाबा के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंच गये हैं।

बाबा की डोली शीतकालीन में ऊखीमठ पहुंचने पर मुख्य रावल भीमाशंकर लिंग अपने आश्रम महाराष्ट्र के नांदेड़ में गये थे, जिन्हें ग्रीष्मकालीन कपाटोत्सव पर केदारनाथ पहुंचना था

लेकिन देश में कोरोना वायरस के चलते सम्पूर्ण देश में लाकडाउन चल रहा है जिस कारण भीमाशंकर लिंग भी महाराष्ट्र में फंस गये थे। धार्मिक परम्पराओं को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें उत्तराखंड आने की अनुमति प्रदान की जिसके बाद वे 2 दिन में 2000 किलोमीटर गाड़ी से चलकर ऊखीमठ पंहुचे है ।

जानकारी के मुताबिक भीमाशंकर लिंग महाराष्ट्र में भी कही दिनों से अपने सेवकों के साथ एकान्तवास ही कर रहे थे। वंहा से चलने से पहले उनका स्वस्थ परीक्षण हुआ और मठ पंहुचने के बाद भी रावल भीमाशंकर लिंग का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ है।
रावल और उनके सेवकों के स्वास्थ्य बिल्कुल ठीक है । वे ऊखीमठ में भी फिलहाल एकान्तवास में ही रहेंगे।रावल जी ने कहा कि वे केदारनाथ के 324 वें रावल हैं । उनका कहना है कि ,” धर्म और मठ की परंपरा की रक्षा के लिए वे अपने पूर्व रावलों और गुरुओं की भांति कभी भी जान की भी परवाह भी नही करेंगे।

admin