बाबा गिरवर नाथ धाम
 

हरिद्वार(कमल खड़का)। बाबा गिरवर नाथ धाम में 1 जनवरी से बाबा नंदलाल चिलिया करने जा रहे है।

प्रति वर्ष 40 दिन के इस कठोर तप में बाबा केवल एक लोटा गंगा जल का सेवन करते है।

इस तरह से साल में तीन बार कठोर तप किया जाता है,जिसमे एक पैर पर खड़े होकर किये जाने वाला तप भी शामिल है।

खास खबर-कार्यकर्ताओं का हाल जानने उनके घर जा रहे है बंशीधर भगत

बाबा नंदलाल शर्मा का यह तप 1 जनवरी से शुरू होकर 10 फरवरी तक चलेगा।

बाबा गिरवर नाथ धाम में नंदलाल महाराज
बाबा गिरवर नाथ धाम में नंदलाल महाराज

राजस्थान के अलवर जिले रामगढ़ तहसील ग्राम कारोली खालसा मैं मन्दिर बाबा गिरवर नाथ धाम मैं बाबा नन्दलाल शर्मा हर वर्ष की तरह ही 1 जनवरी से 10 फरवरी तक अपने आप को 40 दिन के लिए तप करने मन्दिर मैं बिताएँगे।

बाबा नन्दलाल शर्मा इन 40 दिनों के चिलिया को हर साल करते हैं चिलिया के वक्त वो कुछ भी नही खाते हैं।

सुबह के वक्त एक लोटा गंगाजल ही ग्रहण करेंगे बाबा नन्दलाल के लिए ऐसा कोई पहली बार नही है एक वर्ष में करीब तीन बार चिलिया करते हैं।

कभी 40 दिन बन्द कमरे में हो या एक पैर पर खड़े होकर तपस्या करते रहते हैं।

भगवान शिव की महिमा का गुणगान करते रहते है चिलिया के 40 दिन के बाद 10 फरवरी को विशाल भंडारा का आयोजन किया जाएगा।

जिसमे हजारो सेवक व श्रद्धालुओं का देश विदेश से प्रसाद ग्रहण करने के लिए मन्दिर मैं पहुचेंगे।

बाबा नन्दलाल शर्मा ने कहा कि सोमवार को शिव पूजा करना हमारे शास्त्रों में बताया गया है।

शिव के मंत्र का जप करे, यह सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता है।

शिवलिंग के रूप में इनके निराकार रूप की पूजा की जाती है।

इनके जन्म का कोई पता नही है अत: महा शिवरात्रि जिस दिन इनका विवाह माँ पार्वती से हुआ , बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है।

सभी माह में सावन मास शिव को अति प्रिय है।

प्रत्येक मनुष्य को भगवान की पूजा हमेशा करना चाहिए। घर के मंदिर में शिवालय अवश्य रखना चाहिए, अन्यथा भगवान की पूजा अधूरी मानी जाती है।

शिव महापुराण के अनुसार मनुष्य को पूरे मन, प्रेम एवं लगन से भगवान का पूजन करना चाहिए।

पूजा के लिए जरूरी नहीं है कि आप ज्यादा समय और अधिक से अधिक सामग्री चढ़ाएं।

बल्कि जब तक आपका मन अच्छा नहीं होगा, तब तक आप पूजा मन लगाकर नहीं कर सकते।

 

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