हरिद्वार (विकास चौहान)। देवप्रयाग में प्रदेश सरकार द्वारा शराब की फैक्ट्री का लाईसेंस दिए जाने के बाद से ही उसका विरोध भी शुरू हो गया है। इस बार 2021 में संत कुम्भ (Kumbh) स्नान का बहिष्कार करेगें। पिछली 2 सितम्बर से देवपुरा चौक पर श्रीब्राह्मण सभा सहीत कई अन्य संस्थाओं के साथ साथ संत समाज भी प्रदेश सरकार के खिलाफ अनिश्चितकालीन क्रमीक अनशन पर कर रहें है। आज तीसरे दिन भी यह अनशन जारी रहा जिसमें अखाड़ा परिषद के पूर्व प्रवक्ता बाबा हठयोगी कई अन्य संतों के साथ शामिल हुए।

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सोमवार 2 सितम्बर से शुरू हुआ यह क्रमिक अनशन आज तीसरे दिन भी जारी है और आज कई संतों और राज्य चिन्हित आन्दोंलनकारी संगठन ने भी अपना समर्थन दिया। आज अनशन स्थल पर अखाड़ा परिषद के पूर्व प्रवक्ता बाबा हठयोगी महाराज ने भी अपना समर्थन देते हुए अनशन किया। अनशनरत बाबा हठयोगी ने कहा कि वे प्रदेश सरकार के साथ साथ अखाड़ा परिषद को भी यह कहना चाहते है प्रदेश सरकार के इस फैसले से उत्तराखण्ड देव भूमि की जहां छवि धूमिल हो रही है वहीं गंगा किनारे लग रहें इन शराब की फैकट्रीयों से गंगा भी प्रदूषित होगी। उन्होंने कहा कि 2021 में जो कुम्भ होगा वो गंगा में ना होकर शराब की नदी में होगा इसलिए वे अखाड़ा परिषद से अपील करते है कि वह भी सरकार के इस फैसले का विरोध करें और ना मानने की स्थिती में अखाड़ा परिषद कुम्भ के स्नानों का विरोध करें। आज इस क्रमिक अनशन में पण्डित अधीर कौशिक, जेपी बडौनी, स्वामी श्याम प्रकाश, महंत विनोद महाराज, महंत भास्कर पूरी, स्वामी शोकानंद आदि मौजूद रहे।

 

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