अखाड़ा परिषद की खरी-खरी, बसेगा कुम्भ शहर और होगी पेशवाई

अखाड़ा परिषद की खरी-खरी, बसेगा कुम्भ शहर और होगी पेशवाई

हरिद्वार(अरुण शर्मा)। हरिद्वार महाकुम्भ 2021 को 2010 के महाकुंभ की तर्ज पर भव्य बनाने की संतों ने ठान ली है।

शनिवार को हरिद्वार में हुई अखाड़ा परिषद की बैठक में इस बात को लेकर कई प्रस्ताव पास किये गए।

इन प्रस्तावों को अखाड़ा परिषद रविवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ होने वाली मीटिंग में रखेगा।

दरअसल अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के संतों ने पेशवाई और शाही यात्रा सहित कुम्भ को भव्य करने का फैसला कर लिया है।

आपको बता दे कि कोविड-19 के चलते कुम्भ के आयोजन को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे।

हालांकि अखाड़ा परिषद की बैठक में यह साफ कर दिया गया है कि कुम्भ को भव्य और दिव्य मनाया जाएगा।

पढ़े-मेलाधिकारी दीपक रावत के खिलाफ तीर्थ पुरोहितों ने क्यों खोला मोर्चा

इसके साथ ही सभी 13 अखाड़ों के महामंडलेश्वर, साधू- संत और श्रद्धालू शिरकत करेंगे।

हरिद्वार में आज सम्पन्न हुई अखाड़ा परिषद की बैठक में कुम्भ मेले को लेकर कई प्रस्ताव पास हुए।

दो सत्रों मे चली अखाड़ा परिषद की बैठक में सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की।

संतों के तल्ख अंदाज में यह बात साफ की कि अगर मेले में टेंट ना लगाए गए तो कुम्भ का क्या औचित्य होगा।

जिसके बाद अखाड़ों में कुम्भ के दौरान टेंट लगवाने, शाही जुलूस और पेशवाई निकालने पर सहमति बनी।

अखाड़ा परिषद ने यह भी साफ कर दिया कि 11 मार्च के शाही स्नान से पहले कोरोना की स्थिति को देख कर फैसला लिया जाएगा।

बैठक में वैरागी कैम्प में मौजूद वैरागी अखाड़ों के मंदिरों को ना तोड़ने का भी प्रस्ताव पारित हुआ।

अखाड़ा परिषद रविवार को सीएम त्रिवेंद्र के साथ होने वाली बैठक में इन प्रस्तावों को सौंपेगा।

इससे साफ है कि अखाड़ा परिषद हरिद्वार कुम्भ को सांकेतिक रूप से मनाने के पक्ष में नही है।

हालांकि परिषद की बैठक में पास हुए प्रस्तावों को सीएम त्रिवेंद्र के साथ होने वाली मीटिंग में रखा जाएगा।

उसके बाद ही कुम्भ को लेकर संतों के रवैये ओर प्रस्ताव पर मुहर लगेगी।

admin