अखाड़ों की जमीनों पर बहुमंजिली इमारतें बनाने के बाद अखाड़ों की नजर सरकार की 60 EKAD जमीन पर

अखाड़ों की जमीनों पर बहुमंजिली इमारतें बनाने के बाद अखाड़ों की नजर सरकार की 60 EKAD जमीन पर

हरिद्वार। आगामी 2021 महाकुम्भ मेले की तैयारी को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की दूसरे दिन भी बैठक जारी रही। बैठक के दूसरे दिन तीन प्रस्ताव पारित हुए। सभी तेरह अखाड़ो के प्रतिनिधियों ने इन प्रस्तावों पर अपनी सहमति जताई। इन सभी प्रस्तावों को 12 दिसंबर को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ होने वाली बैठक में रखा जाएगा ।

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जिसमें मुख्य रूप से बैरागी कैम्प की सरकारी 60 एकड़ (EKAD) जमीन कुम्भ मेले में अखाड़ों की दिए जाने की बात मुख्य है।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी महाराज ने कहा कि पहले प्रस्ताव में निर्णय लिया गया कि प्रयागराज में प्रशासन द्वारा पौराणिक मठ मंदिरो को तोड़ा जा रहा है जिसका अखाड़ा परिषद विरोध करता है। दूसरे प्रस्ताव में अखाड़ा परिषद ने तय किया है कि सूर्य उत्तरायण होते ही हरिद्वार महाकुंभ मेले का उद्घाटन किया जाएगा जिसमे देश के गृह मंत्री अमित शाह को निमंत्रण भेजा जाएगा। अखाड़ा परिषद के महामंत्री स्वम् गृहमंत्री राजनाथ सिंह को निमंत्रण देने के लिए जाएंगे। वही नरेंद्र ने उत्तराखंड सरकार से माँग कि है कि जिन अखाड़ो के पास भूमि नही है उन अखाड़ो को हरिद्वार के बैरागी कैंप में भूमि दी जाए। बैरागी कैम्प में सरकार की 60 एकड़(EKAD) भूमि खाली पड़ी है उस भूमि पर अतिक्रमण ना किया जाए उस भूमि को कुम्भ 2021 के लिए अखाड़ो को दी जाए। यहां यह बात गौर करने की है कि पूर्व अखाड़ों के पास कुम्भ में कैम्प बनाने के लिए काफी जमीनें थी जिस पर लगभग सभी अखाड़ों ने गगन चुम्बी इमारतें खड़ी कर बेच डाली है। अब अखाड़ें कुम्भ जैसे बड़े आयोजन के लिए जमीन ना हो की बात कह सरकार से जमीन की मांग करें है।

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