एसआईटी की जांच में फंसे दो और फर्जी शिक्षक,मामला हरिद्वार का

एसआईटी की जांच में फंसे दो और फर्जी शिक्षक,मामला हरिद्वार का

हरिद्वार(विकास चौहान)। प्रदेश में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर शिक्षकों की भर्ती के मामले में एसआईटी की कार्यवाही लगातार जारी हैं। ताजा मामला हरिद्वार के भगवानपुर विकास खंड का हैं। जंहा पर फर्जी बीएड डिग्री और मूल निवास प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी कर रहे दो सहायक अध्यापकों का खुलासा हुआ हैं। फिलहाल उनके ​खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसआइटी की जांच में दोनों के प्रमाण पत्र फर्जी मिले हैं। जिसके बाद शिक्षकों में भी हड़कंप मचा हुआ है।

खास खबर—अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना—उत्तराखंड के हर परिवार को निशुल्क इलाज

प्रदेश में बड़ी संख्या में फर्जी प्रमाण पत्रों पर शिक्षकों की भर्ती होने की शिकायत मिलने के बाद एसआईटी को इसकी जांच का जिम्मा सौंपा गया। जिसके बाद से लगातार फर्जी डिग्रीयों के आधार पर शिक्षकों को भर्ती करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। एसआईटी की अभी तक की जांच की बात की जाय तो अकेले हरिद्वार जिले में ही करीब 58 शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी पाये जा चुके हैं। नये प्रकरण में हरिद्वार के ही भगवानपुर विकास खंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय सिरचंदी में तैनात सहायक अध्यापकों के प्रमाण पत्र फर्जी पाये गये।

जानकारी के अनुसार उप शिक्षा अधिकारी कुदंन ने भगवानपुर थाने में दो ​साहयक शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया हैं। बताया जा रहा है कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक नीलम सैनी की ओर से बीएड की डिग्री फर्जी दी गई है। इस डिग्री के आधार पर ही उनका शिक्षक के रूप में चयन हुआ था। जबकि दूसरा मामला राजकीय प्राथमिक विद्यालय जलालपुर का है जंहा पर तैनात सहायक अध्यापक चंद्रपाल का स्थायी निवास प्रमाण पत्र में गडबड़ी पायी गयी हैं। जिसके बाद उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। आपको बता दें कि अभी तक अकेले इस विकास खंड में इस तरह के पांच मामले सामने आ चुके हैं।

admin