नैनीताल(अरुण शर्मा)। प्रणव पांड्या पर लगे आरोपों को लेकर नैनीताल हाइकोर्ट में दायर याचिका की आज सुनवाई हुई।

नैनीताल हाइकोर्ट ने याचिकर्ता को निर्देश दिए है कि वह फरवरी में सीजेएम हरिद्वार के वहां केश दायर करें।

प्रणव पांड्या पर लगे आरोपों पर नैनीताल हाइकोर्ट के निर्देश
प्रणव पांड्या पर लगे आरोपों पर नैनीताल हाइकोर्ट के निर्देश

अगर वहां से निर्णय उनके हित में नही आता है तो कोर्ट मार्च में उनके द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करेगी।

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यही नही कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई से कराने को लेकर विचार करने की बात भी कही।

मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश रविकुमार मलिमथ व न्यायमुर्त्ति आलोक कुमार वर्मा की खण्डपीठ में हुई।

कोर्ट में नाबालिक के साथ हुए दुराचार मामले  को लेकर याचिका दायर की गई थी।
सुनवाई के दौरान याचिकर्ता द्वारा कोर्ट को बताया कि शांतिकुंज प्रमुख प्रणव पांडिया के सम्बंध उच्च लोगो के साथ होने के कारण
उन्होंने पुलिस से मिलकर पर्याप्त सबूत होने के बाद भी केश में अंतिम रिपोर्ट लगा दी और केश को  बंद करा दिया गया।
इस पर कोर्ट ने याचिकर्ता से सीजीएम हरिद्वार के वहाँ केश दायर करने को कहा है।
मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश रविकुमार मलिमथ व न्यायमुर्त्ति आलोक कुमार वर्मा की खण्डपीठ में हुई।
मामले के अनुसार अधिवक्ता विवेक शुक्ला ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि वर्ष  2010 से 2014 में छत्तीसगढ़ के एक गरीब माता पिता ने
अपनी नाबालिक 14 साल की पुत्री को देहरादून निवासी प्रणव पांड्या और उनकी पत्नी के यहां काम करने के लिए छोड़ा था।
प्रणव पांड्या पर 14 साल की नाबालिक के साथ कई बार दुराचार का आरोप लगाया गया।
बताया गया की शिकायत पीड़िता ने उनकी पत्नी से की तो उसने नाबालिक को डरा धमकाकर उसका मुँह बंद करा दिया गया।
याचिकाकर्ता की मांग है की इनका खाता सील करने के साथ ही उत्तराखंड में इनके द्वारा संचालित की जा रही चार्टर्ड यूनिवर्सिटी पर भी कार्रवाई की जाए।
याचिकर्ता का कहना है प्रणव पांड्या शान्तिकुज आश्रम के प्रमुख श्रीराम शर्मा के दामाद है ।
 

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