सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाते हुए ली गयी शिक्षक भवन की जमीन,निबंधक ने दिए रिकवरी के आदेश

सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाते हुए ली गयी शिक्षक भवन की जमीन,निबंधक ने दिए रिकवरी के आदेश

हरिद्वार। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा शिक्षक भवन के निर्माण हेतु जमीन की खरीद में तथ्यों को छुपाकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का मामला प्रकाश में आया है इस प्रकरण पर जांच के बाद निबंधक कार्यालय द्वारा वसूली के लिए लिखा गया है शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष एवं महामंत्री द्वारा रजिस्ट्री संबंधी दस्तावेजों में जानबूझकर गलत तथ्य लिखवाए गए जिससे उनकी मंशा पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा है । वहीं दूसरी ओर यदि शिक्षक ही ऐसा कार्य करेंगे तो समाज में क्या संदेश जाएगा।
गौरतलब है कि उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा गत माह शिक्षक भवन के निर्माण हेतु भूमि क्रय आदि के लिए जनपद भर के अधिकांश शिक्षकों से जबरन वसूली की गई थी । हजारों- हजारों रुपयों की रसीदें काटी गई तभी से जमीन के क्रय एवं अन्य मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे थे । यह आरोप अब सही होते दिख रहे हैं इस पूरे प्रकरण पर सबसे बड़ा सवालिया निशान यह की जिला अध्यक्ष द्वारा ऑडियो संदेश जारी कर भूमि का आवंटन सरकारी स्तर पर होने का दावा किया गया था परंतु यह भूमि शिक्षकों से इकट्ठे हुए पैसे से अपने घर के पास खरीद ली गई । लक्सर के एक शिक्षक जितेंद्र सिंह ने तभी से इस प्रकरण के खिलाफ जोर शोर से आवाज उठाई थी । परंतु संघ का वसूली अभियान जारी रहा अब इस मामले में नया मोड़ आया है बताते हैं कि संघ के दोनों ही पदाधिकारियों ने उक्त भूमि की रजिस्ट्री कराते वक्त दस्तावेज लेखन में गलत जानकारी दी तथा तथ्यों को छुपाया। उप निबंधक कार्यालय द्वारा शिकायत पर हुई जांच के बाद पाया गया कि जमीन को मार्ग से 250 मीटर पर होना दर्शाया गया जबकि मोके पर यह 50 मीटर से भी कम पर हूं। इस कारण शिक्षक भवन के लिए खरीदी जमीन में कथित रूप से कम स्टाम्प लगाया गया अब संघ से इस हेराफेरी के लिए 42970 रुपये की वसूली की जाएगी। विदित होगी जितेंद्र सिंह द्वारा जमीन खरीदने की मंशा एवं अवैध वसूली के खिलाफ आवाज उठाई गई थी अब यह आशंका है प्रमाण सहित सामने आ रही हैं बड़ा प्रश्न यह उठता है कि जब शिक्षकों से लाखों रुपए इकट्ठा किया गया तो ऐसी क्या आवश्यकता पड़ी जिसके चलते रजिस्ट्री कराते वक्त गलत तथ्य प्रस्तुत किए गए सूत्र यह भी बताते हैं कि रजिस्ट्री खरीद में रुपयों के लेनदेन को लेकर भी अंतर है। सच्चाई यह है कि शिक्षकों से पैसा वसूलकर अपने बैठने का अड्डा तैयार किया जा रहा है। हींग लगे न फिटकरी की तर्ज पर नेता मौज कर रहे हैं। जितेंद्र सिंह ने इनके कार्यकाल की सीबीसीआईडी जांच की भी मांग की है।

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