Sidcul स्थित अनामिका Herbal के स्वासहील कफ सिरप का अन्य कम्पनी बना रही डुबलिकेट

Sidcul स्थित अनामिका Herbal के स्वासहील कफ सिरप का अन्य कम्पनी बना रही डुबलिकेट

हरिद्वार। अनामिका हर्बल (Herbal) के प्रोडेक्ट स्वासहील कफ सिरप का डुबलिकेट बना कर बजार में बेचा जा रहा है जबकि अनामिका हर्बल (Herbal) स्वासहील कफ सिरप जिस बोतल में अपना प्रोडेक्ट बाजार में उतारती है वह अल्फापेट की बोतल होती है जबकि डु​बलिकेट सिरप को सनपेट और माइक्रोपेट वाली बोतलों में भर कर बाजार में बेचा जा रहा है। चौकानें वाली बात यह है कि डु​बलिकेट बनाने वाली कम्पनी अनामिका हर्बल (Herbal) का निर्माण लाइसेंस नम्बर और बैच नम्बर भी प्रोडेक्ट पर कॉपी कर रही है। इसमें अनामिका हर्बल (Herbal) का प्रबंधक सीमा अग्रवाल का कहना है कि अनामिका हर्बल (Herbal) ने इसकी शिकायत क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवम् यूनानी अधिकारी हरिद्वार एवम् सहारनपुर को और औषधि नियंत्रक आयुर्वेद एवम् यूनानी सेवाएं उत्तराखण्ड को भी दे दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अनामिका हर्बल की प्रबंधक सीमा अग्रवाल सिडकुल के सेक्टर 6ए के प्लाट नम्बर 17 में एक आयुर्वेदिक कम्पनी चलाती है और इसके द्वारा बनाये जाने वाला प्रोडेक्ट जिसका बेंच नम्बर AH190714 एवम् निर्माण लाइसेंस नम्बर UKAY-217/2010 है। उक्त प्रोडेक्ट अनामिका हर्बल स्वासहील कफ सिरप के नाम से बनाते आ रहें है। जिसके निर्माण में कम्पनी अल्फापेट की बोतलों का उपयोग करती है। कम्पनी की प्रबंधक सीमा अग्रवाल का कहना है कि उनके द्वारा एक थर्ड पार्टी के लिए स्वासहील कफ सिरप का निर्माण किया जाता था। जोकि कम्पनी के पिछले काफी समय से थर्ड पार्टी बने आ रहें थे परन्तु किन्ही कारणों से कम्पनी ने सितम्बर माह में उन्हें माल देना बन्द कर दिया था जिसके बाद थर्ड पार्टी द्वारा अनामिका हर्बल का सितम्बर माह में सारा माल बेचा जा चुका था। जिसके बाद भी उक्त थर्ड पार्टी द्वारा अनामिका हर्बल का नकली स्वासहील कफ सिरप लगातार बेचा जा रहा है ​और जो नकली स्वासहील ​कफ सिरप बेचा जा रहा है वह सनपेट और माइक्रोपेट की बोतलों में बेचा जा रहा है जोकि अनामिका हर्बल द्वारा नहीं बनाए गये है। और जो स्वासहील कफ सिरफ अनामिका हर्बल बनाती है उसमें अल्फापेट की बोतल का उपयोग किया जाता है। सीमा अग्रवाल का आगे कहना है कि इस प्रकरण में अनामिका हर्बल में कार्य करने वाले पूर्व कर्मचारियों का हाथ हो सकता है जिनके माध्यम से उक्त थर्ड पार्टी उनके प्रोडेक्ट का कॉपी करा रही है। इस पूरे प्रकरण की शिकायत अनामिका हर्बल द्वारा क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवम् यूनानी अधिकारी हरिद्वार एवम् सहारनपुर को और औषधि नियंत्रक आयुर्वेद एवम् यूनानी सेवाएं उत्तराखण्ड को भी दे दी है।
अगर कोई व्यक्ति् स्वासहील कफ सिरप जोकि अल्फापेट की बोतल में ना होकर किसी अन्य बोतल में हो वह खरीददता है तो उसमें उसका अपना रिस्क होगा इसमें अनामिका हर्बल की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।

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