विधान सभा सत्र में शराब और अपने विधायक बन सकते है सरकार की मुसीबत का सबब

विधान सभा सत्र में शराब और अपने विधायक बन सकते है सरकार की मुसीबत का सबब

देहरादून(अरुण शर्मा)।शराब को लेकर उत्तराखंड विधान सभा सत्र का पहला दिन विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्ष के तेवरो से नहीं लगता कि यह मुददा जल्द ही शांत होगा। प्रतिपक्ष के नेताओं ने यह साफ कर दिया कि शराब के मुददे पर हंगामा अभी बाकि हैं। एक ओर जंहा विपक्ष का उग्र रुख सरकार के लिए परेशानी का सबब बन सकती है तो वहीं दूसरी ओर सरकार के ​ही विधायक ने शराब पर बंधी की रट लगाते हुए इस परेशानी को ओर बढ़ाने का काम किया हैं। बहरहाल इससे एक बात तो साफ हो गया है कि सत्र के आने वाले दिन सरकार के लिए आसान नहीं होने वाले हैं।

खास खबर—जहरीली शराब के मामले में डबल इंजन का इस सत्र मास्टर स्ट्रोक,विपक्ष की बोलती हुई बंद

विधान सभा सत्र का पहला दिन पूरी तरह से हंगामे की भेंट चढ़ गया। पहले दिन जंहा विपक्ष ने भोजनावकाश से पहले राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर विपक्ष न केवल सदन में हगांमा किया अपितु धरना प्रदर्शन भी किया। विपक्ष का आरोप है कि जहरीली शराब को लेकर सरकार जवाब देने से बचने के लिए इस तरह का काम किया और विपक्ष को बदनाम करने का काम कर रही हैं । प्रतिपक्ष के उप नेता करण माहरा ने कहा भारत के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जो कंही से भी सही नहीं हैं। उन्होने कहा कि जहरीली शराब के मामले में उठ रहे सवाल से बचने के लिए यह सब किया। करण ने क​हा कि सरकार इन सवालों से बच नहीं सकती और उन्होने मंगलवार को भी 310 में फिर से शराब का मुददा उठायेगें।

अपने विधायक सरकार की मुसीबत

शराब को लेकर विपक्ष के उग्र तेवरों के बीच सरकार के अपने विधायक सत्र में मुसीबत का सबब बन सकते हैं। दरअसल अवैध शराब के मामले में विपक्ष ने मंगलवार को भी अपने रुख उग्र रखने के संकेत दे दिये हैं। वहीं बीजेपी के अपने विधायक भी इस मुसीबत में आग में धी डालने का काम कर सकती हैं। झबरेड़ा के बीजेपी विधायक देशराज कर्णवाल ने बताया​ कि हरिद्वार एक धार्मिक स्थल है और यहां पर शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगना चाहिए। आपको बता दें कि बीजेपी सरकार ने इस बार आबकारी से राजस्व का लक्ष्य पिछले लक्ष्य से बढ़ा दिया हैं।

admin