उत्तराखंड बीजेपी में नेताओं की घर वापसी पर मचा घमासान,उठ रहे विरोध के सुर

उत्तराखंड बीजेपी में नेताओं की घर वापसी पर मचा घमासान,उठ रहे विरोध के सुर

देहरादून(अरुण शर्मा)। उत्तराखंड बीजेपी के नेताओं ने घर वापसी क्या की कि उनके ही समर्थक ही उनसे नाराज होने लगे। मामला हरिद्वार के रुड़की से पूर्व विधायक सुरेश चन्द जैन के भाजपा में घर वापसी को लेकर कार्यकत्ताओं की नाराजगी से जुड़ा हुआ हैं।

आपको बता दें कि शनिवार को रुड़की के पूर्व विधायक सुरेशचंद जैन ​सहित ऋषिकेश और केदारनाथ के बागी नेताओं ने घर वापसी की। जिसके बाद रुड़की में बीजेपी विधायक और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया हैं।

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शनिवार को उत्तराखंड में बीजेपी के भीतर सियासी ड्रामा देखने को मिला। शनिवार को बीजेपी के पूर्व विधायक का अपने समर्थकों के साथ बीजेपी में वापस आना रुड़की केे बीजेपी विधायक और कार्यकर्ताओं को गंवारा नहीं गुजर रहा हैं। बीजेपी विधायक ने सुरेशचंद जैन को भ्रस्टाचारी बताते हुए उन पर जमकर निशाना साधा।

सीएम की चेतावनी

सुरेशचंद जैन सहित बीजेपी में घर वापसी कर आये नेताओं को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चेतावनी देते हुए कहा कि बीजेपी में वापसी करने वाले नेताओं के लिए इस चुनाव में कसौटी है मत प्रतिशत को बढ़ाना। उन्होने चेतावनी देते हुए कहा कि आसान नहीं होता है पार्टी में वापसी कराना। उन्होने कहा कि कहीं से भी कोई शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।

चिरब जैन तो नहीं कारण !

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले छात्रवृति घोटाले मामले में एसआईटी ने रुड़की के पूर्व विधायक सुरेशचंद जैन के भतीजे चिरब जैन को गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि सुरेशचंद जैन इसी दबाव में बीजेपी में वापसी की हैं। हालांकि सुरेशचंद जैन इस बात से साफ इंकार कर रहे हैं। उन्होने काह कि इस तरह के मामले में उनका कोई लेना देना नहीं है और अगर उनका भतीजा गलत होगा तो उसे सजा मिलनी चाहिए। उन्होने उनकी भाजपा में वापसी को इस प्रकरण से जोड़ना सही नहीं बताया।

बागियो की घर वापसी

शनिवार को एक ओर जंहा रुड़की के पूर्व विधायक सुरेशचंद जैन अपने समर्थकों के साथ बीजेपी में वापस लौटे है तो वहीं ऋषिकेश और केदारनाथ के भी बागीयों ने बीजेपी का दामन फिर से थाम लिया। आपको बता दें कि इन लोगों ने 2017 के चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ा था।

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