N H- 74 घोटाले में मुख्य आरोपी इस अधिकारी को मिली जमानत
 

देहरादून(अरुण शर्मा)। N H-74 में भूमि अधिग्रहण के दौरान 300 करोड़ के घोटाले के मुख्य आरोपी डी.पी. सिंह निलंबित पी.सी.एस.अधिकारी को उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने जमानत दे दी है । वो 24 नवंबर 2017 से जेल में बंद हैं । निलंबित प्रशासनिक अधिकारी डी.पी.सिंह के खिलाफ 167, 218, 219 , समेत 34 IPC और 13(1)(d)of PC Act. के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था । वहीं विपक्ष ने एक बार फिर इस मामले पर सरकार की नियत पर ही सवाल खड़ा करते हुए आर्बिटेशन की भूमिका पर सरकार का ध्यान दिलाने का प्रयास किया।

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डी.पी.सिंह के खिलाफ तत्कालीन आयुक्त डी.सैंथिल पांडियन के निर्देशों पर यू.एस.नगर के अपर जिलाधिकारी प्रताप साह ने तत्कालीन राजस्व और चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ 10 मार्च 2017 को पंतनगर थाने में पदनाम से एफ.आई.आर.लिखाई थी । डी.पी.सिंह के वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र सिंह पाल ने बताया कि डी.पी.सिंह ने नामजद होने के बाद रुद्रपुर स्थित एस.एस.पी. कार्यालय व एस.आई.टी.प्रमुख सदानंद दाते के कार्यालय में आत्म समर्पण किया था । उन्हें 24 नवंबर 2017 को नैनीताल स्थित विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में पेश कर नैनीताल जेल भेज दिया गया था ।

विपक्ष ने सरकार को घेरा
एन एच—74 के घोटाले के मामले में गुरुवार को एक नया मोड़ उस समय देखने को मिला जब NH-74 घोटाले के मुख्य आरोपी पीसीएस अधिकारी डीपी सिंह को कोर्ट से जमानत मिल गयी। आपको बता दें कि डीपी सिंह इस 300 करोड़ के घोटाले के मामले में मुख्य आरोपी हैं। अधिकारी की जमानत मिलने के बाद विपक्ष ने सरकार पर सवाल खड़े किये हैं। उप नेता प्रतिपक्ष करण माहरा ने सरकार की नियत पर सवाल खड़े करते हुए इस मामले में बड़ी मछलीयों को बचाने का आरोप लगाया। उन्होने कहा कि इस मामले डीपी सिंह बहुत छोटी मछली है इस मामले में बड़े-बड़े अधिकारी और सफेदपोश लोग भी है उन पर भी शिकंजा कसा जाना चाहिए। करण ने आर्बेटिशेन की भूमिका पर एक बार फिर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि सरकार को आर्बेटिशेन की ओर सरकार को ध्यान फोकस किया जाना चाहिए।

 

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