कर्ज से परेशान किसान को नेताओं के वादों पर नहीं था भरोसा-दे दी जान,मामला हरिद्वार का

कर्ज से परेशान किसान को नेताओं के वादों पर नहीं था भरोसा-दे दी जान,मामला हरिद्वार का

हरिद्वार(कमल खड़का)। चुनावी घोषणा पत्रों और नेताओं के वादें से नहीं थी कर्ज से परेशान किसान को कोई उम्मीद और कर ली खुदखुशी। मामला रुडकी के खानपुर क्षेत्र का बताया जा रहा हैं। जहां के ढाढेकी गांव में एक 62 वर्षीय व्यक्ति ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। ईश्वर चंद शर्मा नाम के इस किसान ने अपने सुसाइड नोट में अपने उपर कर्जे की बात कह आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि उसके नाम पर किसी व्यक्ति ने बैंक से कृषि कार्ड का लोन लिया था और बाद में उसने उसको जमा नही किया। जिसके चलते उसे यह कदम उठाना पड़ा। फिलहाल पुलिस को इस मामले में तहरीर का इंतजार हैं।
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इस किसान को शायद नेताओं की किसानों को लेकर की जा रह घोषणायें और वादों पर यकीन न था। यही वजह है कि उसने आत्महत्या कर ली। उत्तराखंड मेंं इन दिनों चुनावी शोर है और इस शोर में किसानों के लिए राजनीतिक दल अपनी अपनी घोषणाओं और वादें करने में लगी हैं। लेकिन इस चुनावी शोर के बीच जब किसान की जहर खाकर जान देने की खबर आये तो समझ लेना चाहिए कि इस किसान को इनकी बाते और दावों पर यकीन नही था।

मृतक के परिजनों के अनुसार ईश्वरचंद कर्ज के मानसिक दबाव में था उन्होंने किसी एजेंट के द्वारा एक कृषि कार्ड का लोन करवाया था एजेंट ने उनसे एक चेक लिया हुआ था लोन पास होने के बाद एजेंट द्वारा चेक भर कर पैसा निकाल लिया गया और इस ईश्वरचंद को कोई पैसा नहीं मिला लेकिन जब बैंक ने कर्ज़ वापस करने का दबाव बनाया तो ईश्वरचंद मानसिक दबाव में आ गया और उन्होंने जहर खाकर आत्महत्या कर ली परिजनों ने ईश्वर चंद की जेब से एक सुसाइड नोट मिलने की बात भी कही है

मौके पर पहुंचे लक्सर पुलिस क्षेत्राधिकारी राजन सिंह से भी इस मामले को लेकर बात की गई उन्होंने कहा कि ढाढेकी गांव में ईश्वरचंद नाम के कर्ज से परेशान किसान ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली है पुलिस क्षेत्राधिकारी ने मृतक की जेब से सुसाइड नोट निकलने की बात की पुष्टि की है परिजनों की ओर से जिस प्रकार की तहरीर मिलेगी उसी तरह मामले की जांच करा कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी

#कर्ज से परेशान किसान

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