देहरादून(अरुण शर्मा)। देश का पहला फुल वर्चुअल इंस्टीटूट का संचालन उत्तराखंड से होगा।

रविवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसका शुभारंभ किया।

देश के पहले फुल वर्चुअल होम स्कूल सीज ग्लोबल इंसीट्यूट से भारतीय संस्कृति को नई पहचान दिलाने का दावा किया जा रहा है।

फुल वर्चुवल इंसीट्यूट के जरिए भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक गणित, विज्ञान तथा भारतीय शास्त्रीय संगीत, संस्कृति, कला और परंपराओं को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी।

अब संस्कृत को भी कैम्ब्रिज बोर्ड के माध्यम से एफिलेएटेड विश्व भर के स्कूल पढ़ा पायेंगे।

उदघाटन अवसर पर संस्थान की संस्थापक रीना त्यागी ने कहा कि जब बच्चे को बिना किसी दिलचस्पी के किसी विषय को सीखने के लिए मजबूर किया जाता है, तो वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता है।

वर्चुअल होम स्कूल स्कूली शिक्षा के विकल्प के रूप में कार्य करता है।

इस वर्चुअल इंस्टीटूट के फायदे

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि होम स्कूलिंग में परीक्षाएँ तनाव मुक्त होती हैं, और बच्चे में अपनी तैयारी के अनुसार परीक्षा देने का लचीलापन होता है।

माता-पिता अपने बच्चे के अभिनव विचारों और स्कूल में शिक्षकों की तुलना में अनुसूची में बदलाव के लिए अधिक खुले हो सकते हैं।

पहले, स्कूलों को शिक्षा का प्राथमिक स्रोत माना जाता था, लेकिन हर बच्चा उसी तरह चीजों को समझने में सक्षम नहीं था।

माता-पिता ने अपने बच्चे को शिक्षा के वैकल्पिक स्रोत के रूप में होमस्कूलिंग का विकल्प चुना है।

 

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