विश्व जल दिवस पर जल संकट पर हुआ चिंतन,चुनावी बयार में मुद्दा गायब

विश्व जल दिवस पर जल संकट पर हुआ चिंतन,चुनावी बयार में मुद्दा गायब

हरिद्वार(कमल खड़का)। देश में इस समय चुनावी बयार चल रही हैं। इन सब के बीच विश्व जल दिवस पर लगातार गहरा रहे जल सकंट पर चिंता व्यक्त हो रही हैं। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आशीष गोस्वामी ने कहा कि आज भारत में शुद्ध पेयजल सिर्फ बोतलों में मिलता है अपने देश की संपूर्ण आबादी को मुफ्त शुद्ध पेयजल मुहैया कराना अब किसी दल या सरकार की प्राथमिकता में शामिल नहीं है। इस बुनियादी आवश्यकता के प्रति यह बेरुखी चिंताजनक है जल स्तर लगातार नीचे खिसक ता जा रहा है।

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नदियां सूख रही हैं तालाब खेत बन गए हैं गर्मियों में गांव शहर फिर इस संकट से जूझ गे अगर हम इस आसन संकट को टालते रहे तो एक दिन स्थिति और विकट हो जाएगी आशीष गोस्वामी ने कहा जीव धारियों में जीव में के बाद जल का दूसरा स्थान है हमारे शहरों तक में जल की शुद्धता पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जाता और हम अक्सर पीने के पानी में कीड़े आदि तक मिलने की सूचनाओं से रूबरू होते हैं गांव आदि में भी प्रदूषित जल का सेवन किया जाता है

आज प्रदूषण के कारण हर नदी जिसमें गंगा यमुना का भी समावेश है पीने के योग्य नहीं बचा है भूमिगत जल यह भी विभिन्न अशुद्धियों जैसे आरके निक आदि की मात्रा बढ़ती जा रही है जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है सामान्य जल जल के विशेष गुणों से परिचित नहीं है अतः जल जिसके बिना जीवन की कोई भी क्रिया संपादित नहीं हो सकती उसकी सप्तक उपलब्धता एवं शुद्धता पर ध्यान देना आवश्यक है क्योंकि अस्वस्थ व्यक्ति से स्वस्थ राष्ट्र की कल्पना करना कठिन है।

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