प्रवीण वाल्मीकि की चौथ वसूली के तिलस्म को नहीं तोड़ पायी उत्तराखंड पुलिस

प्रवीण वाल्मीकि की चौथ वसूली के तिलस्म को नहीं तोड़ पायी उत्तराखंड पुलिस

हरिद्वार(ब्यूरो)। कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि को रुड़की और बाद में हरिद्वार की जेल से चमोली जिले की पुरसाड़ी जेल में भेजा गया था, कुख्यात वहां से भी अपने गुर्गों से लगातार संपर्क बनाए हुए है। दो साल पहले उसने पुरसाड़ी जेल के तत्कालीन जेलर के ही मोबाइल फोन से रुड़की के एक व्यक्ति से चौथ मांगी थी। इस मामले में मुकदमा भी दर्ज हुआ था।

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अधिवक्ता कृष्ण गोपाल की हत्या में कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि का नाम आने के बाद से पुलिस महकमा एक बार फिर चौकन्ना हो गया है। कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि ने रुड़की में तीन साल पहले सफाई नायक बसंत की सुबह के समय हत्या करा दी थी। इसके अलावा उस पर चौथ वसूली के भी कई मामले दर्ज हैं। 2016 में उसको रुड़की जेल से पहले तो हरिद्वार की जेल में शिफ्ट किया गया। इसके बाद वह कुछ दिन देहरादून की जेल में बंद रहा। 2917 से वह लगातार चमोली जिले की पुरसाड़ी जेल में बंद है। दो साल पहले उसने पुरसाड़ी जेल के जेलर के मोबाइल फोन से रुड़की के एक कारोबारी से चौथ मांगकर सनसनी फैला दी थी। इस मामले में शासन ने तत्कालीन पुरसाड़ी जेल के जेलर को निलंबित कर दिया था। पुलिस को इस बात की आशंका है कि कुख्यात अभी भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा है। इसके चलते रुड़की पुलिस ने अब चमोली पुलिस से संपर्क साधा है। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि पहले भी कुख्यात जेल से फोन का इस्तेमाल कर चुका है। इसलिए पुलिस सभी ¨बदुओं को ध्यान में रखकर जांच-पड़ताल कर रही है। उसके दो गुर्गें सलमान एवं कन्नू की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, तभी इस बारे में कुछ और जानकारी मिल सकेगी।

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